
रायपुर: महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ उनकी पारंपरिक आजीविकाओं और सांस्कृतिक विरासत को भी नई मजबूती दे रही है। बस्तर अंचल से इसका एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है, जहां जगदलपुर विकासखंड के ग्राम मांझीगुड़ा की रहने वाली श्रीमती चंदा ने योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग गोंचा पर्व में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक तुपकी के निर्माण में किया है। इससे परिवार की आय बढ़ने की उम्मीद है और बस्तर की सांस्कृतिक परंपरा को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।
गोंचा पर्व की तैयारियों में जुटा पूरा परिवार
बस्तर का प्रसिद्ध गोंचा पर्व धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख उत्सव माना जाता है। पर्व की तैयारियों के बीच श्रीमती चंदा अपने पति श्री चिगडू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में तुपकी तैयार कर रही हैं। गोंचा पर्व के दौरान इन तुपकियों की विशेष मांग रहती है, जिससे परिवार को अतिरिक्त आमदनी मिलने की उम्मीद है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
क्या है तुपकी, क्यों है इसका विशेष महत्व
तुपकी बांस से बनाया जाने वाला बस्तर का पारंपरिक यंत्र है, जिसमें मलाग्नी वृक्ष के बीज, जिन्हें पेंगू कहा जाता है, का उपयोग कर बंदूक जैसी ध्वनि उत्पन्न की जाती है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु इसी तुपकी से पारंपरिक सलामी देते हैं। यह परंपरा वर्षों से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और आज भी पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।
योजना की राशि से खरीदी सामग्री, बढ़ा आत्मविश्वास
श्रीमती चंदा का कहना है कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मविश्वास दिया। इसी राशि से उन्होंने तुपकी निर्माण के लिए आवश्यक बांस और अन्य सामग्री खरीदी। अब पूरा परिवार इस कार्य में जुटा हुआ है और गोंचा पर्व के दौरान अच्छी आय होने की उम्मीद कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपनी पारंपरिक कला एवं कौशल को आजीविका से जोड़ने का अवसर भी प्रदान कर रही है। इससे परिवार की आय बढ़ रही है और बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी बल मिल रहा है।
29 किस्तों में महिलाओं के खातों में पहुंची 18,805 करोड़ रुपये से अधिक की राशि
राज्य सरकार के अनुसार महतारी वंदन योजना की शुरुआत से अब तक 29 किस्तों के माध्यम से 18 हजार 805 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। वहीं, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।



