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होर्मुज के बाद अब बाब-अल-मंदेब पर संकट! हूतियों की धमकी से भारत-चीन आ रहे तेल टैंकरों ने लिया यू-टर्न, बढ़ी वैश्विक चिंता

नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान के बीच जारी जंग के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर संकट और गहरा गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब एक और अहम समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ने से भारत और चीन के लिए कच्चा तेल लेकर आ रहे दो तेल टैंकरों को बीच रास्ते से यू-टर्न लेना पड़ा। यह फैसला यमन में मौजूद ईरान समर्थित हूतियों की धमकियों के बाद लिया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर नई चिंता खड़ी हो गई है।

दोनों टैंकरों ने सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह से चीन और भारत के लिए कच्चा तेल लोड किया था। योजना के मुताबिक उन्हें लाल सागर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पार कर हिंद महासागर की ओर बढ़ना था, लेकिन सुरक्षा खतरे को देखते हुए जहाजों ने अपना रास्ता बदल दिया। अब ये टैंकर स्वेज नहर की दिशा में बढ़ गए हैं और लंबा समुद्री मार्ग तय कर अपनी मंजिल तक पहुंचेंगे।

हूतियों की धमकी के बाद बदला समुद्री मार्ग

उत्तरी और पश्चिमी यमन के बड़े हिस्से, जिनमें लाल सागर के मुहाने वाले तटीय इलाके भी शामिल हैं, पर नियंत्रण रखने वाले हूतियों ने सोमवार को सऊदी अरब की नौसैनिक घेराबंदी का ऐलान किया था। इसके बाद शिपिंग कंपनियों को भेजे गए एक पत्र में उन्होंने चेतावनी दी कि सऊदी तेल को लोड या अनलोड करने वाले सभी जहाजों को निशाना बनाया जाएगा।

इसी वजह से जिन टैंकरों को बाब-अल-मंदेब होते हुए भारत और चीन की ओर बढ़ना था, उन्होंने अपना मार्ग बदल लिया और स्वेज नहर की दिशा में रवाना हो गए।

होर्मुज बंद होने के बाद लाल सागर बना था विकल्प

अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते खाड़ी से बाहर निकलने वाला प्रमुख समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहले ही बंद हो चुका है। ऐसे में लाल सागर के जरिए सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह से पाइपलाइन के माध्यम से प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल भेजा जा रहा था। अब बाब-अल-मंदेब के आसपास बढ़ते खतरे ने इस वैकल्पिक मार्ग पर भी संकट खड़ा कर दिया है।

पहले जहाजों को यानबू से लाल सागर के रास्ते भारत पहुंचना था, लेकिन हूतियों की चेतावनी के बाद उन्हें अपना पूरा रूट बदलना पड़ा और अब वे काहिरा की दिशा से लंबा सफर तय करेंगे।

तेल की कीमतों में दो फीसदी से ज्यादा उछाल

समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दिया। मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में दो प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिका में गैसोलीन की कीमत फिर से 4 डॉलर प्रति गैलन से अधिक हो गई।

डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी

इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब तक हूतियों ने बाब-अल-मंदेब मार्ग को पूरी तरह बंद नहीं किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा किया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं बनी है, लेकिन यदि ऐसा होता है तो अमेरिका उससे निपटने के लिए तैयार है।

18 अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। इनमें हाल के दिनों में जॉर्डन और इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमलों में मारे गए चार सैनिक भी शामिल हैं।

ईरान पर लगातार 11वीं रात बमबारी

दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान में हवाई हमले किए। तेहरान के अलावा दक्षिण-पूर्वी तटीय शहर चाबहार और कोनारक में भी धमाकों की खबर सामने आई। वहीं बुशहर में भी दो विस्फोट सुनाई दिए, जहां ईरान का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।

इससे पहले ईरान बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना चुका है। वहीं खाड़ी के मुहाने पर स्थित होर्मुज क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर भी हमला किया गया था।

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