
भागलपुर/नवगछिया: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी का कटाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। नवगछिया के खरीक प्रखंड में राघोपुर-नरकटिया तटबंध को बचाने के लिए चल रहे बाढ़ बचाव अभियान के बीच नदी की कटाव की रफ्तार और तेज हो गई है। नरकटिया बांध का एन नोज पूरी तरह गंगा में समा चुका है। वहीं, शंकरपुर में पुरानी रेलवे लाइन के पास करीब 30 साल पुराना दुर्गा मंदिर भी गंगा की तेज धारा में विलीन हो गया।
मंदिर के गंगा में समाने के बाद अब पुरानी रेलवे लाइन वाले बांध पर भी खतरा मंडरा रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा मौके पर कैंप कर रहे हैं। प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
कटाव रोकने की कोशिशों के बीच बढ़ा गंगा का दबाव
गंगा के कटाव से तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए पिछले कई दिनों से बाढ़ बचाव का काम तेज किया गया था। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें संवेदनशील हिस्सों में कटाव रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं।
हालांकि, बचाव कार्य के बीच गंगा की धारा का दबाव लगातार बढ़ता गया। तेज कटाव की चपेट में शंकरपुर का करीब तीन दशक पुराना दुर्गा मंदिर आ गया और देखते ही देखते वह गंगा में समा गया।
मंदिर के बाद अब आसपास के इलाकों और पुराने रेलवे लाइन वाले बांध की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
DM और SP मौके पर, संवेदनशील इलाकों को कराया जा रहा खाली
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और एसपी वैभव शर्मा लगातार मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन की टीमें तटबंध और उसके आसपास के संवेदनशील हिस्सों की स्थिति पर नजर रख रही हैं।
खतरे की आशंका वाले स्थानों को खाली कराया जा रहा है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। वहीं, तटबंध को बचाने के लिए बाढ़ बचाव का काम तेज गति से जारी है।
गंगा की धारा को पुराने रास्ते की ओर मोड़ने की योजना
जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने बताया कि गंगा के पुराने बहाव क्षेत्र को लेकर एक योजना पर काम किया जाएगा। इसके तहत पुराने बहाव वाले रास्ते में ड्रेजिंग कराने की तैयारी है, ताकि संभव होने पर गंगा की धारा को उसके पुराने मार्ग की ओर मोड़ा जा सके।
प्रशासन का मानना है कि इससे मौजूदा तटबंध पर नदी के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। गंगा में लंबे समय से जमा गाद को हटाने के संबंध में सरकार के स्तर पर भी निर्णय लिया जाना है।
पुराने रेलवे लाइन बांध की सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती
गंगा के कटाव की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए शंकरपुर के पुराने रेलवे लाइन वाले बांध की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। यदि नदी का कटाव इसी गति से जारी रहा तो बांध के इस हिस्से को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर बचाव कार्य जारी है और नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में गंगा का कटाव पहले भी परेशानी का कारण रहा है, लेकिन इस बार नदी के कटाव की रफ्तार काफी तेज है। करीब 30 साल पुराने दुर्गा मंदिर के गंगा में समाने के बाद इलाके में लोगों की चिंता और बढ़ गई है।



