
‘सेवा संकल्प अभियान’ से गांव-गांव पहुंचेगी सरकार की उपलब्धियों की कहानी, योगी बोले- आंकड़ों से आगे लाभार्थियों के बदलाव को दिखाएं
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक महीने के इस अभियान में 13 प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, विकास और जनभागीदारी से जुड़ी उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को जिला मुख्यालय तक सीमित न रखते हुए न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की उपलब्धियों को केवल आंकड़ों या योजनाओं की सूची के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उन लाभार्थियों की वास्तविक कहानियां सामने लाई जाएं, जिनके जीवन में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों से बदलाव आया है। उन्होंने अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देने और युवाओं, महिलाओं, किसानों, लाभार्थियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों को सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए।
13 प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए चलेगा अभियान
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रमुख स्मारकों पर लेजर शो, तीर्थस्थलों पर महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान, ग्राम चौपाल और सीधे संवाद भी अभियान का हिस्सा होंगे।
सरकार के कामों का बनेगा स्थायी डेटा-बैंक
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान तैयार होने वाली सामग्री प्रमाणिक और तथ्यपरक हो। इसके लिए एक स्थायी डेटा-बैंक तैयार किया जाएगा, जिसमें विधानसभा, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों और राज्य सरकार के पिछले 10 वर्षों के विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण शामिल होगा।
इसमें लाभार्थियों की अद्यतन सूची के साथ प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों, अवस्थापना एवं संपर्क परियोजनाओं, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, खेल, पंचायती राज, सुशासन और एक जिला एक उत्पाद से जुड़े कार्यों को भी शामिल किया जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर, एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, नए हवाई अड्डे, विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, एम्स, खेल विश्वविद्यालय, आधुनिक स्टेडियम, ग्राम सचिवालय, पंचायत भवन, डिजिटल लाइब्रेरी और अमृत सरोवर समेत विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ी सफलता की कहानियां भी संकलित की जाएंगी।
17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगी शुरुआत
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित परिवार अपने घरों में दीप जलाएंगे। इसके लिए न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत, विकासखंड, वार्ड और मोहल्ला स्तर तक लाभार्थियों की सूची तैयार कर लगातार अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख अवस्थापना परियोजनाओं, नदी घाटों, मंदिरों, पार्कों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और चिकित्सालयों में भी विशेष दीप प्रज्वलन कराया जाएगा। इसी अवसर पर दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को केवल प्रतीकात्मक आयोजन न बनाकर सरकार और लाभार्थियों के बीच सीधे संवाद का माध्यम बनाया जाए।
बच्चों के जरिए परिवारों तक पहुंचेगा विकसित भारत का संदेश
17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम चलेगा। इसके तहत विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को बच्चों के माध्यम से परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। प्रतियोगिताएं विद्यालय स्तर से शुरू होकर विकासखंड, जिला और प्रदेश स्तर तक होंगी।
कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता कराई जाएगी। ‘स्कूल, विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता भी होगी। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवा काल, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और देश में हुए बदलावों की कहानी गांवों और शहरों तक पहुंचाई जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिन चलेगा ‘आंगन का उत्सव’
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय ‘आंगन का उत्सव’ और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। स्वस्थ बच्चों को प्रोत्साहित कर सम्मानित किया जाएगा। कुपोषण से सुपोषण की स्थिति तक पहुंची माताओं और बेहतर काम करने वाली आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भी सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
पोषण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। बच्चों को कॉमिक पुस्तकें, पौष्टिक फल और मिठाई देने के साथ अतिरिक्त पोषाहार एवं अन्य सामग्री वितरित की जाएगी।
विकास की ‘पहले और बाद’ की तस्वीर दिखाएंगे डिजिटल माध्यम
‘कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम के तहत गांव से राज्य स्तर तक विकास और नवाचार से आए बदलावों की वास्तविक कहानियां सामने लाई जाएंगी। ग्राम सचिवालय, अटल आवासीय विद्यालय, अंतरराज्यीय संपर्क, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, तीव्र रेल, मेडिकल कॉलेज, फोरेंसिक प्रयोगशाला, राष्ट्र प्रेरणा स्थल और नेवल म्यूजियम जैसी परियोजनाओं से हुए बदलाव को वीडियो और रील के जरिए दिखाया जाएगा।
‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत डिजिटल प्रभावक, पॉडकास्टर और वीडियो निर्माता उन स्थानों का दौरा करेंगे, जहां बड़े विकास कार्य दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उन्हें परियोजनाओं की वास्तविक ‘पहले और बाद’ की स्थिति दिखाई जाए, ताकि वे प्रत्यक्ष अनुभव के आधार पर प्रमाणिक सामग्री तैयार कर सकें। प्रेरणा स्थल, एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डे, बीआईडीए झांसी, राम मंदिर, काशी कॉरिडोर, खेल विश्वविद्यालय मेरठ, महिला पुलिस अकादमी, डिफेंस कॉरिडोर और उत्तर प्रदेश राज्य फोरेंसिक विज्ञान संस्थान जैसे स्थान यात्रा में शामिल किए जाएंगे।
75 जिलों में स्थापित होगी ‘सेवा ज्योति’
7 अक्टूबर को होने वाली ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्रमुख स्थान पहले से चिन्हित किए जाएंगे। इन स्थानों पर स्थायी या अखंड ‘सेवा ज्योति’ स्थापित करने का प्रयास होगा। जिले के अलग-अलग हिस्सों से पैदल, साइकिल और मोटरसाइकिल रैलियां इन स्थानों तक पहुंचेंगी। बड़ी एलईडी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री के संबोधन का प्रसारण होगा और ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।
‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’ के तहत प्रधानमंत्री की जन्मभूमि और कर्मभूमि को पवित्र जल के आदान-प्रदान के जरिए जोड़ा जाएगा। तय योजना के अनुसार वाराणसी से 250 मोटरसाइकिल और 500 यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जाएंगे। यात्रा के दौरान प्रतिदिन 60 से 80 ग्रामीण और शहरी पड़ावों पर जनसंवाद तथा योजनाओं का प्रचार किया जाएगा।
हर नागरिक को मिलेगा सेवा में योगदान का अवसर
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत नागरिकों को 25 निर्धारित सेवा गतिविधियों में से किसी एक से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इनमें स्वच्छता अभियान, नदी घाटों की सफाई, वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, वंचित बच्चों की शिक्षा में सहयोग, करियर परामर्श, अंगदान का संकल्प, नशामुक्त भारत, मतदाता जागरूकता, ‘वोकल फॉर लोकल’, गोसेवा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो स्थानों का कायाकल्प कराया जाएगा। नागरिक कम से कम 25 मिनट श्रमदान कर विशेष पोर्टल पर तस्वीर या वीडियो अपलोड करके डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकेंगे।
‘सरकार आपके द्वार’ शिविर में मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ
‘सेवा सेतु अभियान, सरकार आपके द्वार’ के तहत सभी विकासखंडों में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य ऐसे पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना होगा, जो किसी कारण से अब तक इससे वंचित हैं।
शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर दी जाएगी। मौके पर आवेदन, पात्रता जांच और स्वीकृति की व्यवस्था होगी। साथ ही आरोग्य शिविर भी लगाए जाएंगे। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत संतृप्ति का लक्ष्य रखा गया है।
108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ और भव्य रंगोली बनेगी
‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’ कार्यक्रम में प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ और भव्य मानव रंगोली बनाई जाएगी। इनमें जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को रचनात्मक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
फाइन आर्ट्स के विद्यार्थियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कलाकारों को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा। फूल, प्राकृतिक रंग, अनाज और मिट्टी जैसी प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल होगा। इसके साथ ड्रोन और हवाई दृश्यांकन की व्यवस्था भी की जाएगी।
राष्ट्रीय नवाचार चुनौती में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, महाराष्ट्र और गुजरात में होने वाले पांच प्रमुख आयोजनों में प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में छात्रों को व्यापक स्तर पर जानकारी और प्रोत्साहन दिया जाएगा। स्टार्टअप नेटवर्क, नवाचार केंद्र, निजी कंपनियों और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी से ऑनलाइन आवेदन, विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुति, प्रत्यक्ष प्रदर्शन, युवा संवाद और पुरस्कार की व्यवस्था होगी।
17 अक्टूबर को 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के साथ ‘जनसेवा महाकुंभ’
अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘पंचायत से पार्लियामेंट’ विषय पर होने वाले ‘जनसेवा महाकुंभ’ से होगा। इसमें 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी है। ग्राम प्रधान और सरपंच से लेकर सांसदों तक के जनप्रतिनिधि सेवा और सुशासन की 25 वर्षों की यात्रा को अपने अनुभवों के साथ साझा करेंगे और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जुड़ेंगे।
इसके अलावा ऐतिहासिक और लोकप्रिय स्मारकों तथा पर्यटन स्थलों पर ‘नमो सेवा’ थीम पर लेजर शो, प्रमुख तीर्थस्थलों और शक्तिपीठों में राष्ट्रकल्याण, शांति और विकसित भारत के संकल्प के लिए महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान कराए जाएंगे। ग्राम चौपालों के माध्यम से योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीणों से सीधे सुझाव और प्रतिक्रिया भी ली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 10 सितंबर तक कार्ययोजना, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक तथा डेटा-बैंक और लाभार्थी सूचियों की तैयारी पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ को केवल एक महीने के आयोजन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा को जनभागीदारी से जोड़ने के अवसर के रूप में आगे बढ़ाया जाए। बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



