उत्तर प्रदेशराज्य

Bahraich Farmer ID Drive: अब खाद-बीज दुकानों पर ही बनेगी फार्मर आईडी, कृषि विभाग की नई पहल से किसानों को बड़ी राहत

बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में शत-प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लक्ष्य को तेज करने के लिए अब खाद और बीज के दुकानदारों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इससे किसानों को मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी।

खाद-बीज दुकानों पर ही बनेगी फार्मर आईडी
जिला कृषि अधिकारी के निर्देश पर अब खाद और बीज की दुकानों पर आने वाले किसानों की फार्मर आईडी वहीं पर बनाई जाएगी। दुकानदार किसानों के मोबाइल में संबंधित ऐप डाउनलोड कराकर उनका पंजीकरण करेंगे। इस पहल की शुरुआत जिले के जरवल क्षेत्र से कर दी गई है, जहां एग्री जंक्शन केंद्र पर किसानों की रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है।

7 लाख किसानों में से 4 लाख से ज्यादा की आईडी तैयार
जिले में सात लाख से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जानी है, जिनमें से अब तक करीब चार लाख पांच हजार किसानों का पंजीकरण हो चुका है। शेष किसानों तक पहुंचने के लिए 14 विकास खंडों में संचालित खाद और बीज दुकानों के संचालकों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।

1210 दुकानों को बनाया गया अभियान का हिस्सा
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में कुल 1210 खाद और बीज की दुकानें संचालित हैं। अब इन सभी दुकानों के माध्यम से भी फार्मर आईडी बनाई जाएगी, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया को तेजी मिलेगी और अधिक से अधिक किसान इससे जुड़ सकेंगे।

बारिश के बाद बढ़ेगी रफ्तार, विभाग को उम्मीद
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव ने बताया कि फिलहाल दुकानों पर किसानों की संख्या कम है, लेकिन बारिश के बाद जब किसानों की आवाजाही बढ़ेगी, तब फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया और तेज होगी।

फार्मर रजिस्ट्री जरूरी, तभी मिलेगा योजनाओं का लाभ
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में बिना फार्मर रजिस्ट्री के किसानों को कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसमें उर्वरक, बीज, कीटनाशक, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं शामिल हैं।

गांव-गांव लग रहे कैंप, किसानों को किया जा रहा जागरूक
तहसील महसी और अन्य विकास खंडों में कैंप लगाकर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा गांवों में जाकर निरीक्षण भी किया जा रहा है और किसानों को जल्द से जल्द पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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