असम रवाना होने से पहले मां कामाख्या के दरबार पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण में होंगे शामिल

पटना: असम में नई सरकार के गठन के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को गुवाहाटी पहुंचे, जहां उन्होंने नीलांचल पर्वत स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर में दर्शन करने के बाद प्रदेश और देशवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके बाद वह असम के मुख्यमंत्री के रूप में हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।
मां कामाख्या से मांगा सबके कल्याण का आशीर्वाद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर दर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्हें नीलांचल पर्वत स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता कामाख्या देवी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने मां कामाख्या से सभी के कल्याण, सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री एक दिन पहले ही असम के लिए रवाना हो गए थे।
शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़े नेता होंगे शामिल
असम में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होने वाले हैं। समारोह में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की भी मौजूदगी रहेगी।
सम्राट चौधरी इससे पहले कोलकाता में आयोजित सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे।
मुख्यमंत्री बनने के बाद लगातार कर रहे मंदिर दर्शन
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी लगातार धार्मिक स्थलों के दर्शन कर रहे हैं। बिहार समेत कई महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों पर जाकर उन्होंने पूजा-अर्चना की है। राजनीतिक हलकों में इसे उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है।
कानून व्यवस्था को लेकर फिर दोहराया सख्त रुख
इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर भी अपना सख्त रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस को चुनौती देने वाले अपराधियों पर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध करने वाला चाहे किसी भी जाति या धर्म का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
पटना को दी नई सड़क परियोजना की सौगात
मुख्यमंत्री ने हाल ही में पटना में मंदिरी नाले पर बने फोरलेन सड़क परियोजना का उद्घाटन भी किया। इसके अलावा उन्होंने ‘सहयोग पोर्टल’ लॉन्च करते हुए अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर आवेदनों के निस्तारण का निर्देश दिया।



