
‘बंगाल चुनाव ने दे दिया साफ संदेश’, मंत्री सुरेश खन्ना बोले- अराजकता फैलाने वाले क्षेत्रीय दल अब बोरिया-बिस्तर बांध लें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर विपक्षी क्षेत्रीय दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने चुनाव परिणामों के जरिए स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अराजकता फैलाने वाली क्षेत्रीय राजनीति को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि जनता अब ऐसे दलों की कार्यशैली को समझ चुकी है और भविष्य में उन्हें दोबारा मौका नहीं देगी। उन्होंने दावा किया कि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी अराजकता फैलाने वाले क्षेत्रीय दलों की स्थिति ऐसी ही होने वाली है।
‘आरजी कर मेडिकल कॉलेज घटना से शुरू हुई उल्टी गिनती’
सुरेश खन्ना ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार की उल्टी गिनती कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद ही शुरू हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में आरोपी को संरक्षण देने का काम किया।
मंत्री ने कहा कि बंगाल सरकार की नीतियां न केवल देश विरोधी रही हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रविरोधी तत्वों को संरक्षण दिया, जिससे आम जनता में भारी नाराजगी थी।
‘जनता ने वोट के जरिए दिया जवाब’
वित्त मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने सरकार की नीतियों से परेशान होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि लोग अब कानून व्यवस्था, सुशासन और राष्ट्रहित के मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सुरेश खन्ना ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफा न देने की बात करना असंवैधानिक मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे अराजकता की भाषा बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है।
‘यूपी में भी विपक्ष का होगा यही हाल’
मंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में भी जनता क्षेत्रीय दलों को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास, कानून व्यवस्था और पारदर्शी शासन की वजह से जनता का भरोसा सरकार पर मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि जनता अब भावनात्मक और भ्रामक राजनीति से आगे बढ़ चुकी है और स्थिर तथा जवाबदेह शासन चाहती है।



