खजराना गणेश मंदिर में बड़ा बदलाव, चौड़ा होगा मुख्य द्वार… अब दूर से भी होंगे पूरे गर्भगृह के दर्शन

इंदौर: देशभर में प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर विकास कार्य शुरू कर दिए गए हैं। मंदिर प्रबंधन द्वारा तैयार किए गए मास्टर प्लान के पहले चरण पर काम तेज हो गया है। इसके तहत मंदिर के मुख्य द्वार को पहले से अधिक चौड़ा बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को दूर से भी पूरे गर्भगृह और अन्य विग्रहों के स्पष्ट दर्शन हो सकें।
मुख्य द्वार के विस्तार कार्य के तहत द्वार पर लगी चांदी की परत हटाई जा रही है। इसके साथ ही दोनों ओर बने खंभे और चैनल गेट भी हटाए जाएंगे। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि इससे मुख्य प्रवेश द्वार अधिक भव्य और खुला दिखाई देगा तथा सामने लगी रैलिंग के पास खड़े श्रद्धालु आसानी से भगवान खजराना गणेश के दर्शन कर सकेंगे।
मास्टर प्लान के तहत हो रहे कई विकास कार्य
प्रशासन के नियंत्रण में आने के बाद पिछले कुछ वर्षों में खजराना गणेश मंदिर में कई बड़े बदलाव हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। मंदिर प्रबंधन समिति की अध्यक्षता कलेक्टर के पास है, जबकि निगमायुक्त समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और प्रतिनिधि समिति में शामिल हैं।
समय-समय पर होने वाली बैठकों में मंदिर के विकास कार्यों के साथ-साथ मंदिर ट्रस्ट की अन्य संपत्तियों को लेकर भी योजनाएं बनाई जा रही हैं। राऊ क्षेत्र के कैलोदकर्ताल में मंदिर की जमीन पर भविष्य में अस्पताल निर्माण की योजना भी प्रस्तावित है।
अब अधिक श्रद्धालु कर सकेंगे स्पष्ट दर्शन
खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत यह प्रयास किया जा रहा है कि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के गर्भगृह के स्पष्ट दर्शन हो सकें।
उन्होंने कहा कि अभी मंदिर के सामने लगी रैलिंग के पास खड़े केवल कुछ श्रद्धालु ही ठीक से दर्शन कर पाते हैं, जबकि आसपास खड़े लोगों को परेशानी होती है। मुख्य द्वार चौड़ा होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ बेहतर तरीके से दर्शन कर सकेंगे।
कोरोना के बाद बंद हुआ गर्भगृह प्रवेश
कोरोना काल के बाद से आम श्रद्धालुओं का गर्भगृह में प्रवेश बंद कर दिया गया था। फिलहाल श्रद्धालुओं को रैलिंग के पीछे से ही दर्शन करने की अनुमति है। इसे लेकर पहले भी कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है।
मंदिर प्रबंधन का मानना है कि नए बदलावों के बाद श्रद्धालुओं को दूर से ही बेहतर और स्पष्ट दर्शन का अनुभव मिलेगा।
पूजन-अर्चन के साथ शुरू हुआ निर्माण कार्य
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कलेक्टर शिवम वर्मा और निगमायुक्त एवं मंदिर प्रशासक श्री सिंघल के निर्देशन में विकास कार्यों की शुरुआत पूजन-अर्चन के साथ की गई।
इस अवसर पर समाजसेवी सुरेश फेरवानी, निर्माण एजेंसी से जुड़े राजू आगार, मंदिर प्रबंधक घनश्याम शुक्ला, गौरीशंकर मिश्रा सहित कई प्रमुख श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि मास्टर प्लान के पहले चरण के सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे कर लिए जाएंगे।



