अन्तर्राष्ट्रीय

होर्मुज तनाव के बीच तेल बाजार पर बड़ा दावा, US ट्रेजरी सेक्रेटरी बोले- तेजी से गिर सकती हैं कीमतें

वॉशिंगटन: होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग बाधाओं के बीच अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने वैश्विक तेल बाजार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जैसे ही खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही सामान्य होगी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। बेसेंट का दावा है कि मौजूदा हालात के बावजूद ऊर्जा बाजार में आपूर्ति मजबूत बनी हुई है और लंबी अवधि के संकट की आशंका फिलहाल बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही है।

व्हाइट हाउस में आयोजित एक ब्रीफिंग के दौरान स्कॉट बेसेंट ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं और जैसे ही रास्ता पूरी तरह खुलेगा, बाजार में तेल की सप्लाई अचानक बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि करीब 2,000 जहाज खाड़ी से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं और इनकी आवाजाही शुरू होते ही वैश्विक बाजार में आपूर्ति का दबाव बढ़ेगा, जिससे कीमतों में तेजी से नरमी आ सकती है।

बेसेंट ने इस दौरान यह भी कहा कि हाल के हफ्तों में भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद तेल बाजार ने मजबूती दिखाई है। उनके मुताबिक मई महीने में ही तेल की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देशों से लगातार पर्याप्त सप्लाई मिलती रहेगी, जिससे बाजार स्थिर बना रहेगा।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी ने ईंधन कीमतों पर भी राहत भरे संकेत दिए। उन्होंने कहा कि अगर शिपिंग सामान्य होती है तो गैसोलीन की कीमतों में भी कमी देखने को मिल सकती है। साथ ही उन्होंने अमेरिका के बढ़ते ऊर्जा उत्पादन को देश की आर्थिक मजबूती का बड़ा आधार बताया।

स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऊर्जा क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने और नियमों में ढील देने की नीतियों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक अमेरिका आज दुनिया का सबसे बड़ा ऊर्जा निर्यातक बन चुका है और पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा ऊर्जा का उत्पादन और निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था अब बाहरी झटकों और वैश्विक ऊर्जा संकटों का बेहतर तरीके से सामना करने में सक्षम है।

उन्होंने मुद्रास्फीति को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। बेसेंट ने कहा कि यदि ऊर्जा बाजार स्थिर रहता है तो महंगाई के दबाव में भी कमी आ सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक बाधा बने रहने की आशंका फिलहाल कम है और जैसे ही रास्ता खुलेगा, जहाजों की बड़ी खेप एक साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ेगी।

बेसेंट ने दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध समुद्री आवागमन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ बातचीत में भी इस मुद्दे को प्राथमिकता दे रहा है। उनके मुताबिक समुद्री मार्ग पूरी तरह खुला और स्वतंत्र रहना चाहिए ताकि वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित न हो।

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