मध्य प्रदेशराज्य

इंदौर में घी पर बड़ा खुलासा! 8 सैंपल जांच में फेल, स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित मिलने से मचा हड़कंप

इंदौर। कभी सेहत के लिए फायदेमंद माने जाने वाले घी की गुणवत्ता को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से जांच के लिए भेजे गए इंदौर के घी के 8 नमूने मानव उपयोग और स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए गए हैं। भोपाल में भी घी के 13 नमूने जांच में असुरक्षित मिले हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है।

20 जुलाई से पूरे मध्य प्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान प्रदेशभर से कुल 2234 नमूने लिए गए, जिनमें घी के 601 नमूने शामिल थे। जांच में कुल 73 नमूने फेल पाए गए। इनमें इंदौर के 8 घी के नमूने भी शामिल हैं, जिन्हें असुरक्षित घोषित किया गया है।

इंदौर के 8 घी सैंपल जांच में असुरक्षित

इंदौर से लिए गए नमूनों में श्री सुधा प्रीमियम, गुमार प्योर शुद्ध घी और वास्तु एगमार्क देशी घी समेत कुल 8 नमूने जांच में असुरक्षित मिले हैं। इंदौर कार्यालय को जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों ने भोपाल से रिपोर्ट की पुष्टि की है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों और कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। असुरक्षित पाए गए उत्पादों का स्टॉक भी जब्त किया जा सकता है।

भोपाल में भी 13 नमूने असुरक्षित

घी की गुणवत्ता को लेकर भोपाल से भी चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। राजधानी में जांच के दौरान 13 घी के नमूने असुरक्षित पाए गए। इनमें द्वारकेश, शगुन, गोवर्धन, दानेदार, भूमि, धोलपुर फ्रेश और भूमि प्रीमियम प्योर सहित कई उत्पाद शामिल हैं। इसी कार्रवाई के तहत इंदौर में पिछले दिनों 25 हजार लीटर गोवर्धन घी की बिक्री पर रोक लगाकर उसके नमूने जांच के लिए लिए गए थे।

44 हजार किलो से ज्यादा खाद्य सामग्री जांच के दायरे में

विशेष अभियान के तहत दूध, मावा, पनीर, घी और अन्य दुग्ध उत्पादों के कुल 2234 नमूने लिए गए। इस दौरान 44,407 किलो से अधिक खाद्य सामग्री को जांच के दायरे में लिया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.73 करोड़ रुपये बताई गई है। विभाग ने कार्रवाई करते हुए 8 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित किए हैं। वहीं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत 38 प्रकरण दर्ज किए गए हैं और एक मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

अब इंदौर में और बढ़ेगी जांच की सख्ती

घी के 8 नमूनों के असुरक्षित पाए जाने के बाद इंदौर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई और तेज हो सकती है। विभाग फेल नमूनों से जुड़े स्टॉकिस्ट और निर्माताओं के यहां उपलब्ध माल को भी जब्त करने की कार्रवाई कर सकता है। इसके साथ ही अन्य ब्रांड के घी के नमूने लेकर उनकी भी जांच की जाएगी।

प्रदेश में दुग्ध उत्पादों की जांच का पूरा आंकड़ा

कुल सैंपल: 2234
दूध: 849
मावा: 106
पनीर: 296
घी: 601
अन्य दुग्ध उत्पाद: 382
फेल/असुरक्षित नमूने: 73
जांच के दायरे में सामग्री: 44,407 किलो
अनुमानित कीमत: 2.73 करोड़ रुपये
लाइसेंस निलंबित: 8
दर्ज प्रकरण: 38
एफआईआर: 1

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