उत्तराखंडराज्य

नीले ड्रमों को बनाया फ्लोटिंग बोट, हाथ थामकर बाहर निकाले मजदूर, पीपलकोटी टनल से 12 मजदूरों का रेस्क्यू

चमोली: उत्तराखंड के पीपलकोटी में सुरंग हादसे के बाद 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव टीमों को बेहद मुश्किल परिस्थितियों में अभियान चलाना पड़ा। सुरंग के भीतर पानी और मलबा भरा था, जिससे अंदर पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। आठ एजेंसियों के 317 लोगों की टीम ने लगातार अभियान चलाकर 12 मजदूरों को बाहर निकाला।

अंधेरा होते ही शुरू हुआ बचाव अभियान

गुरुवार शाम हादसे की सूचना मिलने के बाद अंधेरा होते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और आईटीबीपी की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। प्रशासन और चिकित्सा दलों के साथ टीएचडीसी और एचसीसी की टीमें भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गईं।

सुरंग के बाहर और अंदर बचावकर्मी लगातार मोर्चे पर डटे रहे। अभियान में पुलिस के 22, सीआईएसएफ के 25, एनडीआरएफ के 105, एसडीआरएफ के 42, सेना के 53 और आईटीबीपी के 52 जवान शामिल रहे। इसके अलावा डीडीआरएफ के चार और फायर सर्विस के 14 जवानों ने भी बचाव अभियान में हिस्सा लिया।

पानी और मलबे ने बढ़ाई मुश्किल

सुरंग के अंदर मलबा और पानी जमा होने के कारण घायलों और फंसे मजदूरों तक पहुंचना आसान नहीं था। बचाव दल को उपलब्ध संसाधनों के जरिए रास्ता बनाते हुए आगे बढ़ना पड़ा। इसी दौरान मौके पर रखे केमिकल के नीले ड्रमों का इस्तेमाल किया गया।

नीले ड्रमों को फ्लोटिंग बोट की तरह किया इस्तेमाल

सुरंग में पानी के बीच आगे बढ़ने के लिए बचावकर्मियों ने नीले ड्रमों को फ्लोटिंग बोट की तरह इस्तेमाल किया। ड्रमों के सहारे रेस्क्यू टीम के सदस्य पानी से आगे बढ़े और फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश की। इसके बाद मजदूरों को संभालते हुए सुरंग से बाहर लाया गया।

30 घंटे बाद भी तीन मजदूरों की तलाश जारी

पीपलकोटी टनल हादसे में मलबे में दबे छत्तीसगढ़ और झारखंड के तीन मजदूरों का करीब 30 घंटे बाद भी पता नहीं चल पाया था। रेस्क्यू टीम पानी से भरी सुरंग में लगातार उनकी तलाश कर रही है। सुरंग में जमा पानी को निकालना अभियान की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है।

पांच मोटर पंप से पानी निकालने की कोशिश

गुरुवार शाम भूस्खलन के बाद सुरंग के अंदर बड़ी मात्रा में पानी भर गया था। बचाव दल पांच मोटर पंपों की मदद से पानी निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सीमित जगह के कारण यह काम आसान नहीं है। सुरंग के भीतर भारी मशीनें ले जाने में भी परेशानी हो रही है। पानी निकालने के लिए मोटर पंपों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

125 जवान लगातार रेस्क्यू में जुटे

सुरंग में फंसे मजदूरों की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत विभिन्न सुरक्षा बलों के करीब 125 जवान भी लगातार अभियान में जुटे हैं। बचावकर्मी पानी और मलबे के बीच सुरंग के अंदर आगे बढ़कर लापता मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

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