कश्मीर आज पुन: 1989-1990 के युग में पहुंच गया है और इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार सरकार है। यह सरकार…
Read More »दस्तक-विशेष
-संजय द्विवेदी वे हिंदी पत्रकारिता में राष्ट्रवाद का सबसे प्रखर स्वर हैं। देश के अनेक प्रमुख अखबारों में उनकी पहचान…
Read More »-डॉ़ रहीस सिंह आजकल तीन तलाक (ट्रिपल तलाक) के जरिए समान नागरिक संहिता पर पहुंचने सम्बंधी एक भिन्न माहौल बनता…
Read More »-गोपाल सिंह उत्तराखंड में एक बार फिर पृथक राज्य आंदोलन की तर्ज पर महिलाओं ने शराब बंदी के लिए कमर…
Read More »प्रसन्नता सदा मित्र ही नहीं लाते। कभी कभी विरोधी भी मन प्रसन्न कर देते हैं। राहुल गांधी अपने दल के…
Read More »भारत प्रकाश अभीप्सु राष्ट्रीयता है। प्रकाश हमारी सनातन प्यास है। हमारे प्राणों में गहरी प्यास है प्रकाश की। प्रकृति का…
Read More »उन दिनों आशा 13 साल की थीं। पढ़ाई में खूब मन लगता था उनका। लेकिन एक दिन अचानक उनका स्कूल…
Read More »-लोकेंद्र सिंह मां गंगा और यमुना के बाद अब नर्मदा नदी को भी मनुष्य के समान अधिकार प्राप्त होंगे। देवी नर्मदा…
Read More »पुस्तक समीक्षा भारतीय समाज में अनेक विविधता व्याप्त है उन्हीं के बीच मध्यवर्गीय जन-जीवन अपने आपको साबित करने के प्रयास में…
Read More »साक्षात्कार : सुधा ओम ढींगरा सुधा ओम ढींगरा जी का व्यक्तित्व बहुआयामी है, आप कथाकार, कवयित्री, सम्पादक, रंगकर्मी, समाजसेवी होने के…
Read More »संस्मरण भारत में कोई जगह। दरवाजे पर दस्तक। कोई चौबे जी आए हैं। दरवाजा खोला। दो लोग। एक पुलिस सा…
Read More »कहानी पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार के अंचल में नई-नई तरक्की का दौर है, अब वाराणसी से सत्यकाम के…
Read More »-एस एम अब्बास साल 2011 की बात है बैडमिंटन में भारत विश्व खेल पटल पर चमकने के लिए लगातार दस्तक…
Read More »((व्यंग्य) ) आप तो जानते ही हैं कि यूपी में रामराज्य दबे पांव आने वाला है। जगह जगह तोरणद्वार लग गए…
Read More »-जग मोहन ठाकन (व्यंग्य लेख) पिछले कुछ दिनों से ‘‘वरिष्ठ जाड़ ’’ की सन्सटीविटी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी…
Read More »राजीव रंजन तिवारी बेशक, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का ‘फैट बॉय’ देश की शान बन चुका है। इस बड़ी…
Read More »माता पिता ने उनका नाम रामचंद्र रखा था। किंतु मेट्रिक की परीक्षा देने से ठीक पहले, वे एक शपथपत्र देकर…
Read More »-हृदयनारायण दीक्षित प्रकृति का अन्तस् मधुमय है लेकिन आधुनिक सभ्यता ‘मधु’ से भयभीत है। ‘चीनी कम’ ही आधुनिक सभ्यता है…
Read More »-संजय द्विवेदी अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी में इन दिनों जो कुछ चल रहा है, उससे राजनीतिज्ञों के प्रति अविश्वास…
Read More »पंडित हरि ओम शर्मा : ‘मदर्स डे’ पर विशेष ‘‘माँ’’ न कहीं पहाड़ पर है न कहीं जंगल में हैं।…
Read More »अवतारों तथा महापुरुषों के कष्टमय जीवन हमें प्रभु की राह में सब प्रकार के कष्ट सहने की सीख देते हैं!…
Read More »-पालम कल्याणसुंदरम ( सामाजिक कार्यकर्ता) स्कूल उनके गांव से करीब दस किलोमीटर दूर था। गांव में न सड़क थी, न…
Read More »-संजय द्विवेदी वैश्विक आतंकवाद से जूझ रही दुनिया के सामने जिस तरह की लाचारगी आज दिख रही है वैसी कभी…
Read More »व्यंग्य लेख – जगमोहन ठाकन बाबा रामदेव जी महाराज को आप चाहे योग गुरु कहें या संयोग गुरु ; उनके…
Read More »-हृदय नारायण दीक्षित घर की बाउंड्री होती है। घर की सीमा है। घर असीम होते नहीं। मैं उन्मुक्त रहा हूँ।…
Read More »लखनऊ। उत्तर प्रदेश बैडमिंटन एसोसिएशन (यूपीबीए) की रविवार को गोमतीनगर स्थित बीबीडी यूपी बैडमिंटन अकादमी में हुई वार्षिक सामान्य सभा…
Read More »अवधेश कुमार भारत ने जिस तरह की कड़ी प्रतिक्रिया पाकिस्तान को दी है वही देश से अपेक्षित था। विेदेश सचिव…
Read More »कश्मीर में सुरक्षा बलों की दुर्दशा और अपमान के जो चित्र वायरल हो रहे हैं, उससे हर हिंदुस्तानी का मन व्यथित है।…
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