स्वास्थ्य

नाखूनों का बदलता रंग दे सकता है गंभीर बीमारियों का संकेत! पीले, नीले, काले या सफेद निशान दिखें तो हो जाएं सतर्क

नई दिल्ली: नाखून सिर्फ हाथों की खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते, बल्कि शरीर की सेहत का भी महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। नाखूनों का रंग, बनावट और आकार कई बार ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा करते हैं, जिनका समय रहते पता चलना जरूरी होता है। यदि नाखूनों का रंग अचानक बदलने लगे, उन पर धब्बे या धारियां दिखाई दें या वे कमजोर होकर टूटने लगें, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

लाल नाखून किस बीमारी का संकेत हो सकते हैं?

यदि नाखूनों का रंग लाल दिखाई देने लगे, तो यह शरीर में सूजन या ल्यूपस जैसी बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे बदलाव लगातार बने रहने पर चिकित्सकीय जांच कराना उचित माना जाता है।

पीले नाखून फंगल संक्रमण समेत इन बीमारियों की ओर करते हैं इशारा

नाखूनों का पीला पड़ना अक्सर फंगल संक्रमण का संकेत माना जाता है। इसके अलावा यह थायरॉयड, मधुमेह और फेफड़ों से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है।

सफेद धब्बे दिखें तो पोषण की कमी हो सकती है वजह

यदि नाखूनों पर छोटे-छोटे सफेद धब्बे दिखाई दें, तो यह शरीर में विटामिन बी, प्रोटीन या जिंक की कमी का संकेत हो सकता है। संतुलित आहार और आवश्यक पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा इस स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

नीले या काले धब्बे ब्लड सर्कुलेशन की गड़बड़ी का संकेत

नाखूनों पर नीले या काले धब्बे दिखाई देना शरीर में रक्त संचार प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में यह हृदय संबंधी समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है। ऐसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए।

नाखूनों पर सफेद लाइन दिखे तो कराएं जांच

यदि नाखूनों पर सफेद धारियां बनने लगें, तो यह किडनी या लीवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। कुछ परिस्थितियों में यह हेपेटाइटिस जैसी बीमारी की ओर भी इशारा कर सकती हैं।

बार-बार टूट रहे हैं नाखून? हो सकती है ये वजह

अगर नाखून लगातार कमजोर होकर टूट रहे हैं या उनकी मजबूती कम हो गई है, तो इसके पीछे शरीर में खून की कमी या थायरॉयड संबंधी समस्या हो सकती है। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय सलाह लेकर आवश्यक जांच कराना बेहतर होता है।

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?

यदि नाखूनों का रंग लंबे समय तक बदला रहे, उन पर गहरी काली या नीली रेखाएं दिखाई दें, लगातार टूटने लगें या इनके साथ दर्द, सूजन या अन्य शारीरिक लक्षण भी हों, तो स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच से कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button