
मुंबई: भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़े तो देश अपने 94 प्रतिशत विदेशी कर्ज का भुगतान मात्र एक दिन में करने की क्षमता रखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भारत की आर्थिक मजबूती और विकास दर को लेकर कई अहम बातें कहीं।
फडणवीस ने कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जाती थीं। उस समय विदेशी कर्ज चुकाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की मदद की चर्चा होती थी, लेकिन अब देश की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और स्थिर हो चुकी है।
विदेशी मुद्रा भंडार को बताया सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पास वर्तमान में करीब 66 लाख करोड़ रुपये का विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है। उनके अनुसार यह भंडार लगभग 11 महीने तक के आयात खर्च को पूरा करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि पहले देश के पास सीमित विदेशी मुद्रा भंडार हुआ करता था, लेकिन अब भारत वैश्विक स्तर पर कहीं अधिक मजबूत आर्थिक स्थिति में खड़ा है।
मंदी की आशंकाओं को बताया निराधार
आर्थिक मंदी की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि पिछले कई वर्षों से भारत में आर्थिक सुस्ती की आशंका जताई जाती रही है, लेकिन देश लगातार मजबूत विकास दर दर्ज कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
उन्होंने बताया कि हालिया आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में विकास दर 7.7 प्रतिशत दर्ज की गई।
दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अब लगभग 4.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन चुका है और विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश जल्द ही 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेगा।
डिजिटल भुगतान में भी भारत का बढ़ता दबदबा
फडणवीस ने डिजिटल भुगतान प्रणाली की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रही है। उनके मुताबिक, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस को करीब 30 देशों में अपनाया जा रहा है और डिजिटल लेनदेन का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
आर्थिक मजबूती के कई संकेत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, निरंतर विकास दर, डिजिटल भुगतान का विस्तार और वैश्विक आर्थिक भागीदारी इस बात के संकेत हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था भविष्य में और अधिक सशक्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक नींव पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बन चुकी है।



