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भ्रष्टाचार पर चीन की बड़ी कार्रवाई, पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेन्हे और ली शांगफू को सुनाई गई मौत की सजा

बीजिंग। चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अदालत ने देश के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा सुनाई है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग सरकार में रक्षा मंत्री रह चुके वेई फेन्हे और ली शांगफू को भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया गया है। दोनों नेताओं के खिलाफ वर्ष 2024 में जांच शुरू हुई थी और करीब दो साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इसकी जानकारी दी है।

वेई फेन्हे वर्ष 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे थे। उनके बाद ली शांगफू को रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि बाद में उन पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था।

ठेकेदारी और कमीशनखोरी के आरोपों में फंसे दोनों नेता

रिपोर्ट्स के मुताबिक रक्षा मंत्रालय संभालने से पहले वेई फेन्हे चीन के रॉकेट साइंस विभाग में अहम पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2023 में उन्हें अचानक रक्षा मंत्री पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू हुई।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, फेन्हे पर सरकारी ठेकों में कमीशन लेने, ठेकेदारों से महंगे उपहार स्वीकार करने और अवैध तरीके से बड़ी संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए थे।

वहीं, ली शांगफू पर रक्षा ठेकों की प्रक्रिया में अनियमितता बरतने और वित्तीय गड़बड़ियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। जांच एजेंसियों ने दोनों पूर्व मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े कई सबूत जुटाए थे।

शी जिनपिंग के करीबी माने जाते थे दोनों पूर्व मंत्री

वेई फेन्हे और ली शांगफू दोनों को कभी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का करीबी माना जाता था। दोनों नेता चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के सदस्य भी रह चुके हैं।

हालांकि भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद पार्टी और सरकार ने दोनों नेताओं से दूरी बना ली थी। इसके बाद उनके खिलाफ औपचारिक जांच शुरू की गई और अदालत में मामला चलाया गया।

भ्रष्टाचार पर चीन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

चीन में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सरकार बेहद सख्त रवैया अपनाए हुए है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इसी वर्ष कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी थी और कहा था कि पार्टी और प्रशासन में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में चीन में तीन लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है। इसके अलावा सेना और प्रशासनिक अधिकारियों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।

चीनी सरकार के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में करीब 15 हजार पूर्व अधिकारियों को भ्रष्टाचार के मामलों में सजा सुनाई गई है। इनमें लगभग 100 वरिष्ठ सैन्य और सरकारी अधिकारी शामिल हैं।

2012 से चल रहा है भ्रष्टाचार विरोधी अभियान

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सत्ता संभालने के बाद वर्ष 2012 में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी अभियान शुरू किया था। इसके तहत पार्टी, सेना और सरकारी विभागों में व्यापक जांच अभियान चलाया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अभियान के बाद अब तक 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों की नौकरी जा चुकी है। चीन सरकार इसे प्रशासनिक सुधार और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में सबसे बड़ा अभियान मानती है।

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