पंजाब

एशियन गेम्स में हॉकी टीम का मैच देखने जापान जाना चाहते थे सीएम मान, केंद्र ने विदेश दौरे को नहीं दी मंजूरी

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम के मुकाबले देखने और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए जापान जाना चाहते थे। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार से विदेश यात्रा की राजनीतिक मंजूरी मांगी गई थी, लेकिन केंद्र ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री का जापान दौरा रद्द हो गया है।

एशियन हॉकी फेडरेशन ने भेजा था विशेष आमंत्रण

सूत्रों के मुताबिक, एशियन हॉकी फेडरेशन की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के दौरान हॉकी प्रतियोगिता के अंतिम चरण के मुकाबलों में शामिल होने के लिए विशेष आमंत्रण भेजा गया था। यह आमंत्रण 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबलों के अलावा 2 और 3 अक्टूबर को खेले जाने वाले खिताबी मुकाबलों के लिए दिया गया था।

भारतीय हॉकी टीम का हौसला बढ़ाना चाहते थे मान

मुख्यमंत्री भगवंत मान भारतीय हॉकी टीम का हौसला बढ़ाने और एशियन गेम्स जैसे बड़े खेल मंच पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखने के लिए जापान जाना चाहते थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार ने उनके विदेश दौरे के लिए केंद्र सरकार से राजनीतिक मंजूरी मांगी थी। हालांकि, केंद्र की ओर से आवेदन को मंजूरी नहीं दी गई।

पहले भी पेरिस ओलंपिक दौरे को नहीं मिली थी मंजूरी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विदेश दौरे को लेकर ऐसा मामला पहले भी सामने आ चुका है। अगस्त 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय हॉकी टीम के क्वार्टर फाइनल और अन्य महत्वपूर्ण मुकाबले देखने के लिए उनके फ्रांस दौरे को भी केंद्र सरकार ने मंजूरी नहीं दी थी।

उस समय विदेश मंत्रालय की ओर से सुरक्षा कारणों और वीआईपी प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के दौरे को राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार किया गया था।

दौरा रद्द होने के बाद हुआ था राजनीतिक विवाद

2024 में मुख्यमंत्री के फ्रांस दौरे को मंजूरी नहीं मिलने के बाद पंजाब में राजनीतिक विवाद भी हुआ था। आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर पंजाब के मुख्यमंत्री को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने से जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया था।

इस बार भी एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम के मुकाबले देखने के लिए प्रस्तावित जापान दौरे को राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने के बाद केंद्र और पंजाब सरकार के बीच टकराव का मुद्दा सामने आया है।

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