उत्तर प्रदेशराज्य

सीएम योगी बोले- ‘सनातन भारत का मूल धर्म, इसके बिना राष्ट्र की कल्पना नहीं’, गोवंश संरक्षण पर भी दिया जोर

गोरखपुर: गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन भारत का मूल धर्म है और इसके बिना भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा बेहद समृद्ध, सुसंस्कृत और मजबूत रही है, लेकिन अपनी इस विरासत को भूलना हमारी कमी रही। मुख्यमंत्री मंगलवार शाम गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि समारोह के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के विराम सत्र को संबोधित कर रहे थे।

कथा श्रवण और व्यासपीठ के समक्ष श्रद्धावनत होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने उत्तर प्रदेश की सनातन धर्मनगरियों के मर्म को नहीं समझा, वे उत्तर प्रदेश और भारत को भी नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और कुंभनगरी प्रयागराज की सामाजिक समरसता का उल्लेख किया।

गोमाता को बताया सनातन धर्म की पहचान

मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म में गोमाता की प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि गोमाता सनातन की पहचान का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में पहला ग्रास गोमाता के लिए रखने की परंपरा रही है। यदि हर सनातनी इसका पालन करता तो गोमाता सड़कों पर नहीं घूमतीं। इसी तरह अंतिम ग्रास श्वान के लिए माना गया है। उनके मुताबिक इस परंपरा का पालन करने से सड़कों पर निराश्रित कुत्तों की समस्या भी कम हो सकती थी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों ने ऋषि-मुनियों की बताई परंपराओं का सही तरीके से पालन नहीं किया। उन्होंने गोवंश संरक्षण को समाज की जिम्मेदारी से भी जोड़ते हुए नागरिकों से इसमें भागीदारी की अपील की।

धरती माता को बचाने के लिए गोमाता का संरक्षण जरूरी

सीएम योगी ने कहा कि धरती माता का एक नाम गोमाता भी है। ऐसे में धरती माता को बचाने के लिए गोमाता का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 7 हजार से अधिक गोशालाओं के माध्यम से 16 लाख से अधिक गोवंश का लालन-पालन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि निराश्रित गोवंश को रखने वाले किसानों को सरकार प्रति गोवंश हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इसके अलावा निराश्रित गोआश्रय स्थलों से कुपोषित परिवारों के लिए बियाही गाय और उसके भरण-पोषण के लिए भी धनराशि दी जाती है।

देसी गाय के दूध को बताया अमृततुल्य

मुख्यमंत्री ने भारतीय नस्ल की गाय के दूध को अमृततुल्य बताया। उन्होंने आम लोगों से गोशालाओं के संचालन में भागीदार बनने और गोवंश को गोद लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोपाष्टमी पर गोवंश को तिलक लगाकर उनका पूजन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे घर में सुख-समृद्धि और आरोग्यता आती है तथा गोमाता के आशीर्वाद से दुख और दरिद्रता दूर होती है।

बीमारियों को लेकर सीएम योगी ने दिया प्राकृतिक खेती पर जोर

मुख्यमंत्री ने कैंसर, किडनी और लिवर की खराबी जैसी गंभीर बीमारियों का जिक्र करते हुए रासायनिक उर्वरकों और खतरनाक दवाओं के इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान भारतीय गोमाता आधारित प्राकृतिक खेती में है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाय के गोबर से की गई प्राकृतिक खेती से पैदा हुए अन्न का उपयोग करने से कैंसर, किडनी और लिवर की खराबी, डायबिटीज जैसी बीमारियां नहीं होंगी और तनाव भी नहीं रहेगा। उन्होंने भारतीय नस्ल की गोमाता को गंभीर बीमारियों का ‘रामबाण उपचार’ बताया और गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से इलाज के अलावा गरीबों की गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए उन्होंने अपने विवेकाधीन कोष से 1,400 करोड़ रुपये अलग से दिए हैं।

कथा व्यास स्वामी राजेंद्रदास की सराहना

सीएम योगी ने वृंदावन से आए कथा व्यास मलूकपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्रदास द्वाराचार्य की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने बेहद सरल और सहज तरीके से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कथा के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण आपदा से जनजीवन प्रभावित हुआ, लेकिन गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ की पावन भूमि पर कथा अनवरत श्रद्धाभाव के साथ चलती रही। उनके मुताबिक आपदा भी कथा के आयोजन में बाधा नहीं बनी और श्रद्धालुओं ने मर्यादा, समता और भक्ति के साथ कथा का आनंद लिया।

कथा के विराम पर मुख्यमंत्री, संतजन और यजमानों ने श्रीमद्भागवत महापुराण और व्यासपीठ की आरती उतारी। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर रोहतक हरियाणा के महंत एवं राजस्थान विधानसभा के विधायक बालकनाथ, वाराणसी से आए डॉ. रामकमल दास वेदांती, अयोध्या से आए स्वामी रामदिनेशाचार्य, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास सहित कई साधु-संत, यजमान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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