डायल-112 जवानों की तत्परता से बची राष्ट्रीय पक्षी मोर की जान, घायल अवस्था में पहुंचाया वन केंद्र

भोपाल। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में डायल-112 जवानों की संवेदनशील और मानवीय कार्यवाही ने एक बार फिर पुलिस की तत्परता और जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया है। थाना सुनेरा क्षेत्र में घायल अवस्था में मिले राष्ट्रीय पक्षी मोर को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर जवानों ने उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
घटना 9 मई की बताई जा रही है, जब राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना मिली कि ग्राम मेहंदी में एक मोर घायल अवस्था में पड़ा हुआ है और उसे तत्काल सहायता की जरूरत है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची डायल-112 टीम
सूचना प्राप्त होते ही थाना सुनेरा क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुंचे डायल-112 स्टाफ आरक्षक बृजमोहन यादव और पायलट महेंद्र सिंह जादौन ने देखा कि वन क्षेत्र से भटककर आया मोर अज्ञात कारणों से घायल हो गया था।
जवानों ने बिना देर किए घायल मोर को सुरक्षित संरक्षण में लिया और एफआरव्ही वाहन के जरिए उपचार एवं देखभाल के लिए वन केंद्र शाजापुर पहुंचाया।
वन विभाग को सौंपा गया घायल मोर
डायल-112 टीम ने घायल राष्ट्रीय पक्षी को वन विभाग के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया, जहां उसका उपचार और देखभाल शुरू की गई। समय पर मदद मिलने से मोर को सुरक्षित संरक्षण मिल सका।
मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बनी कार्रवाई
मध्य प्रदेश पुलिस ने इस घटना को ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला का हिस्सा बताते हुए कहा कि डायल-112 सेवा केवल लोगों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऐसी कार्यवाहियां समाज में मानवीय संवेदनाओं और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम करती हैं।



