हिमाचल में चुनावी ड्यूटी का असर, 145 सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की काउंसलिंग टली, अब 31 मई के बाद होंगी नियुक्तियां

शिमला: हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर चुनावी गतिविधियों का असर पड़ गया है। प्रदेश के 145 सीबीएसई स्कूलों में होने वाली शिक्षकों की काउंसलिंग अब 31 मई के बाद आयोजित की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग के आग्रह के बाद शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है।
निर्वाचन आयोग ने शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्र में कहा है कि प्रदेश में नगर निगम, पंचायत और शहरी निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में यदि काउंसलिंग के लिए शिक्षकों को रिलिव किया जाता है तो चुनावी कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसी कारण काउंसलिंग प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित किया गया है।
6200 शिक्षकों की होनी है नियुक्ति
शिक्षा विभाग की ओर से प्रवक्ता, टीजीटी, सीएंडवी, डीपीई, पीजीटी, जेबीटी समेत विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश के 145 सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में करीब 6200 शिक्षकों की नियुक्ति की जानी है। इसके लिए नौ काउंसलिंग केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए 10 अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में होगी प्रक्रिया
काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए गठित समितियों की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। प्रत्येक समिति में संबंधित शाखाओं के अधीक्षक, सहायक कर्मचारियों और आईटी स्टाफ को शामिल किया गया है ताकि नियुक्ति प्रक्रिया बिना किसी अव्यवस्था के पूरी हो सके।
शिक्षा विभाग ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश
निदेशालय स्कूल शिक्षा शिमला की ओर से जारी पत्र में सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती और काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया गया है। विभाग ने प्रशासनिक और कार्यान्वयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू ढंग से संचालित किया जाएगा।
पोस्टिंग ठुकराने पर भी नहीं कटेगा भविष्य का मौका
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई चयनित शिक्षक काउंसलिंग के बाद दी गई पोस्टिंग स्वीकार नहीं करता है या तय समय सीमा के भीतर ज्वाइन नहीं करता, तो उसे भविष्य में सीबीएसई स्कूलों में तैनाती के अवसर से वंचित नहीं किया जाएगा।
संविदा और जॉब ट्रेनिंग शिक्षकों की सेवा शर्तें रहेंगी बरकरार
विभाग के अनुसार जॉब ट्रेनिंग या संविदा आधार पर कार्यरत शिक्षक यदि चयनित होकर सीबीएसई स्कूलों में तैनात होते हैं, तो उनकी मौजूदा सेवा शर्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नई पोस्टिंग के बावजूद उनकी संविदा व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।



