छत्तीसगढ़राज्य

भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के अनुरूप तैयार हो रही है विद्युत अधोसंरचना

रायपुर : ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक विवेक देवांगन (आईएएस) ने छ्त्तीसगढ़ में भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के अनुरूप हो रहे विद्युत अधोसंरचना के विकास कार्यों की सराहना करते हुए लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विद्युत विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की एवं विभिन्न विद्युत विकास योजना पर चर्चा की। पॉवर कंपनी मुख्यालय में आयोजित इस बैठक के दौरान पॉवर कंपनी के अध्यक्ष अंकित आनंद , प्रबंध निदेशक श्रीमती उज्जवला बघेल, मनोज खरे,श्री एस के कटियार समेत कार्यपालक निदेशक एवं मुख्यअभियंता मौजूद थे।

सीएमडी देवांगन ने प्रदेश में ग्रामीण विद्युतीकरण, दुर्गम एवं दूरस्थ वनांचलों में घरों तक बिजली पहुँचाने, कृषि सिंचाई पंपों के लिए फीडर पृथककरण, विद्युत उपभोक्ता सेवा, पारेषण एवं वितरण हानि समेत अन्य विषय पर चर्चा की। इस अवसर पर अध्यक्ष अंकित आनंद ने प्रदेश में रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों में हर घर को बिजली पहुँचाने के लिए पॉवर कंपनी एवं छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा अभिकरण ( क्रेडा) संयुक्त रूप से प्रयासरत है। विद्युत अधोसंरचना के विकास के लिए राज्य सरकार भी सजग है और विभिन्न विकास कार्यों के लिए शासन की ओर से लगातार मदद दी जा रही है। आनंद ने बताया कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 1320 मेगावॉट ताप विद्युत संयंत्र की स्थापना के लिए राज्य शासन ने घोषणा की है और इस दिशा में विभिन्न स्वीकृतियों के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने पंप स्टोरेज परियोजना से बिजली उत्पादन की प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी दी। देवांगन ने हरित ऊर्जा की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की सराहना की।

समीक्षा बैठक के दौरान आरईसी के सीएमडी देवांगन ने आरडीएसएस योजना के अंतर्गत विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग की दिशा में प्रदेश में किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया कि निर्धारित समय सीमा में कार्य आगे बढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि आरडीएसएस योजना के माध्यम से देशभर में वितरण हानि कम करने तथा उपभोक्ताओं के हित में बिजली मीटरिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने का लक्ष्य है। आरईसी निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत भी प्रदेश के विकास में सहभागिता देने के लिए तैयार है। समीक्षा बैठक के दौरान कार्यपालक निदेशक भीम सिंह कंवर, मुख्य अभियंता (परियोजना) राजेन्द्र प्रसाद, एच.एन.कोसरिया, महाप्रबंधक वित्त वाय. बी. जैन, आलोक सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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