गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के सत्र के अंतिम दिन भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। कार्यस्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं होने से नाराज विपक्षी विधायकों ने अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंचकर नारेबाजी की, काले झंडे लहराए और कार्यसूची की प्रतियां फाड़ दीं। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बावजूद सदन में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और 10 विधेयक पारित कर दिए गए। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा
बुधवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराने की मांग उठाई। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद कांग्रेस विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी विधायकों ने इस दौरान काले झंडे भी लहराए।
हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही सुबह 11:20 बजे तक स्थगित कर दी गई। कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी विपक्ष का विरोध जारी रहा, जिससे सदन का कामकाज प्रभावित हुआ।
कार्यसूची फाड़ी, सचिव की मेज पर पटकीं किताबें
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने कार्यसूची की प्रतियां फाड़कर फेंकीं और सचिव की मेज पर पुस्तकें भी पटकीं। विपक्षी विधायकों के इस व्यवहार पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने नाराजगी जताई।
अध्यक्ष ने कार्यसूची और अन्य दस्तावेज फाड़कर उछालने पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधायक सदन में यह सब क्या कर रहे हैं। नारेबाजी के दौरान ‘झुमका’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।
हंगामे के बीच अनुपूरक बजट और 10 विधेयक पारित
विपक्ष के विरोध के बीच सदन में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया। इसके साथ ही 10 विधेयकों को भी मंजूरी दी गई। कार्यवाही के दौरान लगातार हुए हंगामे के बावजूद विधायी कामकाज पूरा किया गया।
सत्र के अंतिम दिन हुए घटनाक्रम के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।




