भारत-वेस्टइंडीज तीसरे वनडे के बाद ICC का बड़ा एक्शन, टीम इंडिया पर 20% और कैरेबियाई टीम पर 10% जुर्माना

नई दिल्ली: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने दोनों टीमों पर कार्रवाई की है। धीमी ओवर गति के चलते भारतीय टीम पर मैच फीस का 20 प्रतिशत, जबकि वेस्टइंडीज की टीम पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है।
तीसरे वनडे में भारतीय टीम को पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। 3 सितंबर को मुल्लांपुर में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज के सामने 352 रनों का लक्ष्य रखा था। मेहमान टीम ने कप्तान शाई होप के नाबाद 162 रनों की पारी की बदौलत 10 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर भारत पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुका था, लेकिन आखिरी मैच हारने के कारण टीम इंडिया वेस्टइंडीज का सूपड़ा साफ नहीं कर सकी।
भारत चार ओवर पीछे, वेस्टइंडीज ने दो ओवर किए कम
आईसीसी की कार्रवाई धीमी ओवर गति को लेकर हुई है। भारत निर्धारित समय में चार ओवर पीछे रहा, जबकि वेस्टइंडीज की टीम दो ओवर कम कर पाई। समय से जुड़ी रियायतों को शामिल करने के बाद दोनों टीमों को न्यूनतम ओवर रेट के नियम का दोषी पाया गया।
आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के प्रकाश भट्ट ने दोनों टीमों पर जुर्माना लगाया।
एक ओवर की देरी पर 5 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना
आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत निर्धारित समय में कम फेंके गए प्रत्येक ओवर के लिए खिलाड़ियों की मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। इसी नियम के तहत भारत पर चार ओवर कम होने के कारण 20 प्रतिशत और वेस्टइंडीज पर दो ओवर कम होने के चलते 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।
कप्तानों ने आरोप और सजा स्वीकार की
भारत और वेस्टइंडीज के कप्तानों ने धीमी ओवर गति से जुड़े आरोपों को स्वीकार कर लिया। दोनों ने आईसीसी की ओर से प्रस्तावित सजा पर भी सहमति जताई और अपराध स्वीकार कर लिया। इसके चलते मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
इस मामले में मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और सैम नोगाज्स्की के साथ थर्ड अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और फोर्थ अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाए थे।
इस तरह सीरीज के आखिरी वनडे में हार के अलावा भारत और वेस्टइंडीज दोनों टीमों को धीमी ओवर गति के कारण आर्थिक जुर्माना भी झेलना पड़ा।



