रामायण के पुष्पक विमान को बनाने में लगे 2 साल, 50 डिजाइन पर हुआ काम; रावण-जटायु युद्ध के लिए 6.5 साल की मेहनत

मनोरंजन डेस्क: रणबीर कपूर की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘रामायण’ को भव्य और प्रभावशाली बनाने के लिए निर्देशक नितेश तिवारी और उनकी टीम ने सालों तक मेहनत की है। फिल्म के निर्माण से जुड़ी कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं। निर्देशक ने बताया कि कुछ खास दृश्यों और उनके तकनीकी पहलुओं को तैयार करने में लंबा वक्त लगा। इसका सबसे बड़ा उदाहरण रावण और जटायु के बीच होने वाला युद्ध है, जिसे पर्दे पर उतारने के लिए टीम को करीब साढ़े छह साल तक काम करना पड़ा।
रामायण के अलग-अलग संस्करणों को जोड़ना थी बड़ी चुनौती
नितेश तिवारी के मुताबिक, फिल्म की कहानी तैयार करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। उनकी कोशिश थी कि फिल्म महर्षि वाल्मीकि की रामायण पर आधारित हो, लेकिन इसके साथ ही रामायण के अन्य संस्करणों में मौजूद महत्वपूर्ण और खूबसूरत प्रसंगों को भी जगह दी जाए। निर्देशक ने बताया कि भारत में रामायण के 300 से अधिक अलग-अलग संस्करण मौजूद हैं। इन सभी में कई ऐसी कहानियां और प्रसंग हैं, जिन्हें लोग पसंद करते हैं।
ऐसे में अलग-अलग संस्करणों की कथाओं को शामिल करते हुए मूल महाकाव्य की भावना और महत्व को बनाए रखना आसान नहीं था। कई संस्करणों में पात्रों के चित्रण में भी अंतर मिलता है। इसलिए कहानी को एक रूप देना और उसे सिनेमाई अंदाज में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना टीम के लिए बड़ी जिम्मेदारी थी।
रावण-जटायु युद्ध के लिए साढ़े छह साल तक चला काम
कहानी तैयार होने के बाद उसे पर्दे पर उतारने की चुनौती सामने आई। इसके लिए किरदारों की बनावट, दृश्यों की संरचना और विजुअल इफेक्ट्स पर लंबे समय तक काम किया गया। नितेश तिवारी ने बताया कि रावण और जटायु के बीच युद्ध के दृश्य की कल्पना जब पहली बार कलाकारों और तकनीकी टीम के सामने रखी गई थी, तब से इसे अंतिम रूप देने तक करीब साढ़े छह साल लग गए।
इस दृश्य को तैयार करने में हजारों लोगों ने अलग-अलग स्तर पर योगदान दिया। निर्देशक के अनुसार, दर्शकों को पर्दे पर कुछ मिनट का दिखाई देने वाला एक्शन सीक्वेंस वास्तव में वर्षों की तैयारी, तकनीकी काम और लगातार किए गए बदलावों का नतीजा है। उन्होंने बताया कि इस एक दृश्य को तैयार करने की पूरी प्रक्रिया समझाने में भी काफी समय लग सकता है।
पुष्पक विमान के 40 से 50 डिजाइन किए गए तैयार
फिल्म में दिखाए जाने वाले पुष्पक विमान का डिजाइन तैयार करना भी टीम के लिए बड़ी चुनौती रहा। नितेश तिवारी के मुताबिक, विमान के शुरुआती डिजाइन से लेकर उसे अंतिम रूप देने तक करीब दो साल का समय लगा। इस दौरान टीम ने पुष्पक विमान के लगभग 40 से 50 अलग-अलग डिजाइन तैयार किए। कई विकल्पों पर विचार करने के बाद उस डिजाइन को चुना गया, जो निर्देशक की कल्पना के सबसे करीब था।
विमान के डिजाइन में बदलाव से फिर तैयार करना पड़ा युद्ध दृश्य
निर्देशक ने बताया कि पुष्पक विमान के डिजाइन में हुए बदलाव का असर रावण और जटायु के युद्ध दृश्य पर भी पड़ा। शुरुआत में विमान के पुराने डिजाइन को ध्यान में रखकर लड़ाई की कोरियोग्राफी तैयार की गई थी, लेकिन अंतिम डिजाइन उससे काफी अलग निकला।
विमान की बनावट में गुंबद जैसी संरचनाएं जुड़ने के कारण जटायु की गतिविधियों और दृश्य में उसके प्रवेश के तरीके में भी बदलाव करना पड़ा। इसके बाद टीम को युद्ध दृश्य के कई हिस्सों पर दोबारा काम करना पड़ा। इस तरह पुष्पक विमान के डिजाइन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया ने फिल्म के एक बड़े एक्शन सीक्वेंस की तैयारी को भी प्रभावित किया।
पुष्पक विमान को वास्तविक उड़ान जैसा दिखाना चाहती थी टीम
नितेश तिवारी का कहना है कि उनकी कोशिश पुष्पक विमान को केवल एक काल्पनिक उड़ने वाली वस्तु के रूप में दिखाने की नहीं थी। वे चाहते थे कि उसका डिजाइन ऐसा हो, जिसे देखकर दर्शकों को उसकी उड़ान विश्वसनीय लगे। इसके लिए टीम ने विमान के उड़ने के तरीके, उसकी दिशा और आंतरिक संरचना जैसे पहलुओं पर भी विस्तार से काम किया।
फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है। नितेश तिवारी इससे पहले ‘दंगल’ और ‘छिछोरे’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। उनकी पिछली फिल्म ‘बवाल’ में वरुण धवन और जाह्नवी कपूर नजर आए थे। अब निर्देशक ‘रामायण’ के जरिए भारतीय महाकाव्य को बड़े पर्दे पर पेश करने जा रहे हैं। फिल्म की घोषित रिलीज तारीख 5 नवंबर बताई गई है।



