मां ने डेढ़ माह के मासूम को चलती ट्रेन से फेंका, हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में दिल दहला देने वाली वारदात, दूसरे बच्चे की भी बची जान

चाईबासा: झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक महिला ने अपने डेढ़ माह के मासूम बच्चे को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी और गहरा आक्रोश फैला दिया है।
चलती ट्रेन में हुई दिल दहला देने वाली घटना
यह घटना बुधवार को ट्रेन संख्या 12021 हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच हुई। बताया जा रहा है कि महिला ने अचानक अपने डेढ़ महीने के बच्चे को ट्रेन की खिड़की से बाहर फेंक दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि ट्रेन में सवार यात्री कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए।
दूसरे बच्चे को भी फेंकने की कोशिश, यात्रियों ने बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अपने करीब तीन साल के दूसरे बच्चे को भी चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की कोशिश की, लेकिन यात्रियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उसे बचा लिया। इसके बाद यात्रियों ने महिला और उसके पति को पकड़कर रेलवे सुरक्षा बल के हवाले कर दिया।
रेलवे ट्रैक किनारे मिला मासूम का शव
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घंटों की तलाश के बाद महालीमरूप और राजखरसावां स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक किनारे मासूम बच्चे का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद जवानों और स्थानीय लोगों में गहरा शोक और आक्रोश फैल गया।
महिला और पति हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस ने आरोपी महिला को चाईबासा रेलवे स्टेशन पर हिरासत में ले लिया है, जबकि उसके पति को भी पूछताछ के लिए पकड़ा गया है। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम पूरे मामले की जांच कर रही है।
पहचान और पृष्ठभूमि में सामने आई जानकारी
जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला की पहचान मुद्रावती गोप के रूप में हुई है, जो पश्चिम सिंहभूम जिले के मझगांव क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। वहीं उसके पति ने अपना नाम शाहबुद्दीन बताया है, जो पश्चिम बंगाल का निवासी है। बताया जा रहा है कि दोनों ने चार साल पहले प्रेम विवाह किया था और बाद में नाम बदलकर हसीना बेगम के नाम से रह रहे थे।
परिवार विवाद और पुलिस जांच के एंगल पर जांच
सूत्रों के मुताबिक, महिला के परिवार ने पहले ही शाहबुद्दीन के खिलाफ अपहरण और विवाह का मामला दर्ज कराया था। पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद दोनों परिवार सहित यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक घटना हुई। पुलिस अब मामले की जांच पारिवारिक विवाद, मानसिक स्थिति और अन्य संभावित कारणों के आधार पर कर रही है।
इलाके में शोक और गुस्से का माहौल
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग लगातार यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर एक मां अपने ही मासूम बच्चे के साथ ऐसा क्रूर कदम कैसे उठा सकती है।



