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‘भारत बना दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था’, निर्मला सीतारमण का दावा; विपक्ष पर भी किया तीखा प्रहार

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा किया है कि भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज़ गति से आगे बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में भी इसकी रफ्तार बरकरार रहने की उम्मीद है।

बेंगलुरु में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प समावेश’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत ने तिमाही और वार्षिक दोनों स्तरों पर कई प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। उनके मुताबिक, कोविड महामारी, वैश्विक आर्थिक दबाव और पश्चिम एशिया में जारी तनाव जैसी परिस्थितियों के बावजूद देश की आर्थिक स्थिति स्थिर और मजबूत बनी हुई है।

विपक्ष पर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान निर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग लगातार देश की आर्थिक उपलब्धियों को कमतर दिखाने और संकट का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं, जबकि वास्तविक तस्वीर इससे बिल्कुल अलग है।

उन्होंने कहा कि भारत किसी आर्थिक संकट की ओर नहीं बढ़ रहा, बल्कि निरंतर विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सरकार की नीतियों और सुधारों का असर अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन में साफ दिखाई दे रहा है।

जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों का दिया हवाला

वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक विकास दर 7.7 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रही है। वहीं जनवरी से मार्च 2026 तिमाही के दौरान जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जिसे अनुमान से अधिक और सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार, आधारभूत ढांचे में बड़े निवेश और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली नीतियों ने विकास को नई गति दी है।

वैश्विक चुनौतियों पर भी जताई चिंता

हालांकि वित्त मंत्री ने माना कि वैश्विक स्तर पर कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिका की व्यापार नीतियां, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं और मौसम संबंधी जोखिम भविष्य में आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं।

विकास दर को लेकर सकारात्मक अनुमान

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास दर 7 से 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष के लिए विकास दर के अनुमान में मामूली संशोधन किया है, लेकिन समग्र तस्वीर को सकारात्मक बताया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि यदि आर्थिक सुधारों की रफ्तार जारी रही और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अत्यधिक प्रतिकूल नहीं रहीं, तो भारत आने वाले वर्षों में भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।

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