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बकरीद पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने दी मुबारकबाद, देश में शांति-भाईचारे की कामना

नई दिल्ली: ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद के मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने देशवासियों, खासकर मुस्लिम समुदाय को शुभकामनाएं दी हैं। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए देश में प्रेम, एकजुटता और भाईचारे का संदेश दिया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने संदेश में देशभर में बकरीद मना रहे परिवारों के लिए खुशियों और अपनत्व की कामना की। उन्होंने लिखा कि यह पर्व लोगों के जीवन में एकता और सौहार्द लेकर आए। राहुल गांधी ने लोगों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर परिवारों को और करीब लाने वाला बने।

प्रियंका गांधी ने शांति और समृद्धि की कामना की

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ईद-उल-अज़हा के अवसर पर लोगों को मुबारकबाद दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह पावन पर्व हर घर में शांति, प्रेम और समृद्धि लेकर आए। प्रियंका गांधी ने देशवासियों के लिए खुशहाली, आशीर्वाद और भाईचारे की भावना मजबूत होने की कामना की।

राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया त्याग और भक्ति का प्रतीक

इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देशवासियों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ईद-उल-अज़हा को आत्म-समर्पण, त्याग और भक्ति का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि यह त्योहार मानवता की सेवा और विशेष रूप से वंचित वर्गों की मदद करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज में प्रेम और सद्भाव को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

PM मोदी ने भी दिया भाईचारे का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईद-उल-अज़हा के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह त्योहार समाज में भाईचारे और खुशियों की भावना को और गहरा करे। प्रधानमंत्री ने सभी लोगों की सफलता और अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की।

क्या है ईद-उल-अज़हा का महत्व

ईद-उल-अज़हा, जिसे बकरीद भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार माना जाता है। इसे ‘कुर्बानी का त्योहार’ भी कहा जाता है। यह पर्व इस्लामी कैलेंडर के अंतिम महीने धू-अल-हिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाता है और हज यात्रा के समापन का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम की उस आस्था और समर्पण की याद दिलाता है, जब उन्होंने ईश्वर की आज्ञा का पालन करने के लिए बलिदान देने की तैयारी दिखाई थी। यही वजह है कि यह पर्व त्याग, सेवा, करुणा और मानवता के संदेश के रूप में देखा जाता है।

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