बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर के भाई पर मारपीट और हवाई फायरिंग का आरोप, पुलिस ने दर्ज की FIR

छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग पर पुराने जमीन विवाद को लेकर मारपीट और हवाई फायरिंग करने के आरोप लगे हैं। घटना में एक युवक के घायल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, घटना 14 जुलाई की दोपहर करीब तीन बजे राजनगर थाना क्षेत्र के कोंडा गांव में हुई। घायल मोतीलाल कुशवाहा का आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ गांव में मौजूद था। इसी दौरान शालिग्राम गर्ग अपने साथी सतीश, आशीष और एक अन्य व्यक्ति के साथ वहां पहुंचे।
शिकायत के मुताबिक, पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद गाली-गलौज और लाठी-डंडों से मारपीट की गई। आरोप है कि घटना के दौरान तीन हवाई फायर भी किए गए। इस घटना में मोतीलाल कुशवाहा घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच
घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
घायल युवक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शालिग्राम गर्ग, सतीश, आशीष और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दी प्रतिक्रिया
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वह पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि पिछले तीन वर्षों से उनका शालिग्राम गर्ग से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार से भी उनका कोई लेना-देना नहीं है और उनके लिए पूरा समाज ही परिवार है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कोई गलत कार्य किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उसे कठोर दंड मिलना चाहिए।
‘हर विवाद में मेरा नाम न जोड़ा जाए’
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी कहा कि हर घटना या विवाद में उनका नाम जोड़ना उचित नहीं है। उनके अनुसार, परिवार, समाज और जिला बड़ा है तथा अलग-अलग लोगों से जुड़े मामले सामने आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए बिना तथ्यों के उनका नाम किसी विवाद से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।



