अफ्रीकी देश कांगो में इबोला का भीषण प्रकोप, 1,031 मौतों की पुष्टि, संक्रमण की रफ्तार ने बढ़ाई वैश्विक चिंता

घाना: अफ्रीकी देश कांगो में इबोला संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। इस घातक प्रकोप में अब तक 1,031 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसे इबोला के इतिहास का सबसे तेजी से फैलने वाला प्रकोप माना जा रहा है। बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य सम्मेलन में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
घाना में आयोजित एक स्वास्थ्य सम्मेलन के दौरान अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के महानिदेशक डॉ. जीन कासेया ने बताया कि अब तक 1,031 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि लोग इसलिए जान गंवा रहे हैं क्योंकि पर्याप्त वैक्सीन, दवाएं और वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
2,473 मामले दर्ज, सैकड़ों मरीज अस्पतालों में भर्ती
कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा जानकारी के अनुसार सोमवार तक इबोला संक्रमण के 2,473 मामलों की पुष्टि हो चुकी थी। मंत्रालय ने बताया कि कम से कम 737 मरीज आइसोलेशन में हैं या अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं।
डब्ल्यूएचओ ने जताई और बड़े प्रकोप की आशंका
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि इबोला प्रकोप का वास्तविक दायरा आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में दो से चार गुना अधिक हो सकता है। संगठन के अनुसार 15 मई से शुरू हुआ यह प्रकोप इतनी तेजी से फैल रहा है कि स्वास्थ्य अधिकारी इसकी गति के अनुरूप निगरानी और नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं।
80 फीसदी नए मामले संक्रमण की ज्ञात चेन से बाहर
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, सामने आ रहे 80 प्रतिशत नए मामले संक्रमण की पहले से ज्ञात चेन से जुड़े नहीं हैं। यह संकेत देता है कि वायरस इतनी तेजी से फैल रहा है कि संक्रमित लोगों की पहचान और संपर्कों का पता लगाने की प्रक्रिया पीछे छूटती जा रही है।
क्या है इबोला और कैसे फैलता है संक्रमण
इबोला एक अत्यंत खतरनाक वायरस से होने वाली बीमारी है। यह संक्रमण भले ही दुर्लभ हो, लेकिन गंभीर और कई मामलों में जानलेवा साबित होता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ जैसे खून, उल्टी, पसीना या वीर्य के संपर्क में आने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। फिलहाल इस बीमारी का कोई पक्का इलाज उपलब्ध नहीं है।



