झारखण्डराज्य

श्रावणी मेला 2026: बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, कांवरिया पथ पर बिछेगी महीन बालू

नई दिल्ली: झारखंड के देवघर में राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को कांवरिया पथ पर महीन बालू बिछाने, बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और पेयजल व सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण की शुरुआत दुम्मा बॉर्डर से की गई, जहां कांवरिया पथ पर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कांवरिया पथ पर केवल महीन बालू ही बिछाई जाए, ताकि लंबी दूरी पैदल तय करने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही बिजली के तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर करने, चापाकलों के आसपास सफाई बनाए रखने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए।

अधिकारियों ने कहा कि मेला शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाओं की होगी विशेष व्यवस्था

प्रशासन ने कांवरिया पथ पर पेयजल आपूर्ति, शौचालयों की नियमित सफाई और चौबीसों घंटे स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि नलों से निकलने वाला पानी रास्ते पर न फैले, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में दिक्कत न हो।

इसके अलावा प्रशासनिक शिविर, पुलिस सहायता केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, विद्युत व्यवस्था, सूचना एवं सहायता केंद्र, होल्डिंग प्वाइंट, स्नानघर और इंद्र वर्षा जैसी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।

इन स्थानों पर तैयारियों का लिया गया जायजा

निरीक्षण के दौरान आईएसबीटी, कोठिया टेंट सिटी निर्माण स्थल, सरसा, भलुवा, परित्राण, दुम्मा बॉर्डर और कांवरिया पथ का निरीक्षण किया गया। बाघमारा बस स्टैंड के पास बनने वाली कोठिया टेंट सिटी में सुरक्षा, स्वच्छता, वेंटिलेशन, अग्नि सुरक्षा और विद्युत ऑडिट की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।

इसके साथ ही परित्राण, भलुवा और सरसा के पास वाहन पड़ाव स्थलों पर बैरिकेडिंग, महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग शौचालय एवं स्नानगृह, स्वास्थ्य शिविर और साउंड सिस्टम की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।

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