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पुलवामा हमले में शामिल आतंकी कमांडर हमजा बुरहान PoK में ढेर, अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी में मौत, सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बद्र के प्रमुख कमांडरों में शामिल अरजमंद गुलजार उर्फ ‘बुरहान हमजा’ के मारे जाने की सूचना सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी में ढेर हो गया।

सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था शामिल
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक अरजमंद गुलजार लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था। उसे दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने वाले प्रमुख चेहरों में गिना जाता था। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने वर्ष 2022 में उसे आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था।

पाकिस्तान जाकर आतंकी संगठन से जुड़ा था कमांडर
जानकारी के अनुसार अरजमंद गुलजार मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा क्षेत्र का रहने वाला था। करीब सात वर्ष पहले वह वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान गया, जहां उसने आतंकी संगठन अल-बद्र से जुड़कर प्रशिक्षण लिया। बाद में वह संगठन में ऑपरेशनल कमांडर के पद तक पहुंच गया।

PoK से चला रहा था आतंकी नेटवर्क
रिपोर्ट्स के अनुसार वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से बैठकर कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों का संचालन करता था। इसमें भर्ती, फंडिंग और हथियारों की आपूर्ति जैसे नेटवर्क शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उसका नेटवर्क दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और अवंतीपोरा क्षेत्रों तक सक्रिय था।

युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने का आरोप
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हमजा बुरहान पर आरोप था कि वह सोशल मीडिया और स्थानीय ओवरग्राउंड नेटवर्क के जरिए युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाता था। उसे डिजिटल कट्टरपंथ मॉडल का हिस्सा माना जाता था, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर आतंक का विस्तार करना था।

मोस्ट वांटेड सूची में था शामिल
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे लंबे समय से मोस्ट वांटेड सूची में रखा हुआ था। उस पर विस्फोटक बरामदगी, ग्रेनेड हमलों और आतंकी भर्ती जैसे कई गंभीर मामलों में संलिप्तता के आरोप थे।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी
उसकी मौत को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे आतंकी नेटवर्क को एक और बड़ा झटका लगा है। फिलहाल उसकी मौत को लेकर विस्तृत जानकारी और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

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