
गोली चलाने वाले खुद बना रहे थे हथियार, तस्करी नेटवर्क का खुलासा
किराये के मकान में सजा था अवैध असलहा बनाने का पूरा कारखाना, मशीनें और भारी मात्रा में सामग्री बरामद
सुरेश गांधी
वाराणसी : लंका थाने के आरक्षी अमित शुक्ला को गोली मारने वाले गिरोह का अवैध असलहा निर्माण और तस्करी का नेटवर्क पुलिस ने बेनकाब किया है। सामने घाट की शिवाजी नगर कॉलोनी स्थित एक किराये के मकान में कथित रूप से अवैध असलहे बनाने और उनकी सप्लाई का धंधा चल रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर तीन तैयार देसी पिस्टल, 175 कारतूस, 24 खोखे, 19 अर्द्धनिर्मित असलहे और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें व औजार बरामद किए हैं। कार्रवाई में मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा के पिता विमल कांत झा और उसके करीबी दोस्त अमन कुमार मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है। अंजनी नंदन पहले ही पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हो चुका है।
पुलिस के मुताबिक, आरक्षी अमित शुक्ला पर फायरिंग की घटना के बाद से ही लंका पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके ठिकानों और असलहा सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल में जुटी थी। मुखबिरों के साथ सीसीटीवी फुटेज, साइबर और सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालने पर एक संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आया। जांच में यह नंबर देवरिया निवासी अमन कुमार मिश्रा का निकला, जो फिलहाल डाफी में रह रहा था। पूछताछ में अमन ने अंजनी नंदन से करीबी दोस्ती स्वीकार करते हुए बताया कि वह उसके लिए अवैध असलहों और कारतूसों की सप्लाई तथा पैसों के लेन-देन में मदद करता था। उसने पुलिस को यह भी बताया कि सामने घाट की शिवाजी नगर कॉलोनी स्थित किराये के मकान में अवैध असलहे और कारतूस रखे जाते हैं। इसी सूचना पर पुलिस टीम ने 31 अक्टूबर को मकान पर छापा मारा।
मकान की तलाशी में खुला असलहा निर्माण का राज
पुलिस के मुताबिक, मकान की तलाशी के दौरान तीन .32 बोर की देसी पिस्टल, अलग-अलग बोर के 143 जिंदा कारतूस, 24 खोखे, 19 अर्द्धनिर्मित असलहे और बैरल तथा छह मैगजीन बरामद हुईं। इसके अलावा असलहे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली ग्राइंडर, पिलर ड्रिल, वेल्डिंग मशीन, पॉलिशर समेत कई मशीनें और बड़ी संख्या में औजार मिले। लोहे के 309 छोटे-बड़े टुकड़े, 104 नए व दो इस्तेमाल किए गए वेल्डिंग रॉड और अन्य सामग्री भी बरामद हुई है। मकान में मौजूद विमल कांत झा को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि उसने बताया कि उसका बेटा अंजनी नंदन गलत संगत और नशे का आदी है। उसके दोस्तों का मकान पर आना-जाना था। वहां अवैध असलहे और कारतूस बनाने की सामग्री जुटाई जाती थी। विमल के मुताबिक, मोटी कमाई के लालच में वह भी इस गतिविधि में सहयोग करने लगा था। पुलिस ने अमन और विमल को आयुध अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया।

मुठभेड़ में पकड़ा गया था गिरोह का सरगना
इस प्रकरण में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर चुकी है। उसके साथ राज विश्वकर्मा और बिहार के गोपालगंज निवासी राजू तिवारी भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस ने अंजनी नंदन को गिरोह का सरगना बताया है। अब उसके पिता और करीबी सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस टीम को एक लाख का इनाम
पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में लंका पुलिस और सर्विलांस सेल की टीम शामिल रही। पुलिस आयुक्त ने गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली टीम का उत्साहवर्धन करते हुए एक लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस अब बरामद हथियारों की जांच के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने असलहे तैयार किए और किन-किन लोगों तक उनकी सप्लाई की।
असलहा फैक्ट्री से क्या-क्या मिला?
बरामदगी संख्या
तैयार देसी पिस्टल (.32 बोर) 3
कुल जिंदा कारतूस 143
खोखा कारतूस 24
अर्द्धनिर्मित असलहे/बैरल 19
मैगजीन 6
अर्द्धनिर्मित तमंचे की मुट्ठ 15
अर्द्धनिर्मित मैगजीन 5
लोहे के छोटे-बड़े टुकड़े 309
ग्राइंडर व पॉलिशर मशीन 1
पिलर ड्रिल मशीन 1
वेल्डिंग मशीन 2
कार्रवाई की खास बातें
स्थान : शिवाजी नगर कॉलोनी, सामने घाट।
गिरफ्तारी : अमन मिश्रा और विमल कांत झा।
मुख्य आरोपी : अंजनी नंदन झा, पहले ही गिरफ्तार।
गिरोह के अन्य गिरफ्तार सदस्य : राज विश्वकर्मा और राजू तिवारी।
पुलिस टीम को पुरस्कार : एक लाख रुपये।



