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‘एयरपोर्ट डिवोर्स’ का नया ट्रेंड क्या है? फ्लाइट से पहले अलग हो जाते हैं कपल, वजह जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली: यात्रा और पर्यटन की दुनिया में इन दिनों एक नया ट्रेंड तेजी से चर्चा में है, जिसे ‘एयरपोर्ट डिवोर्स’ नाम दिया गया है। नाम सुनकर भले ही यह किसी वैवाहिक रिश्ते के टूटने जैसा लगे, लेकिन इसका वास्तविक अर्थ इससे बिल्कुल अलग है। यह ट्रेंड उन लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, जो यात्रा के दौरान अपने साथी को निजी समय और व्यक्तिगत आजादी देना चाहते हैं।

इस अवधारणा में कपल या साथी एयरपोर्ट तक एक साथ पहुंचते हैं, लेकिन इसके बाद अपने-अपने अलग कार्यक्रम और यात्रा योजनाओं के अनुसार निकल जाते हैं। तय समय या यात्रा पूरी होने के बाद वे फिर एयरपोर्ट पर मिलते हैं और साथ में वापस लौटते हैं।

एयरपोर्ट से शुरू होती हैं अलग-अलग यात्राएं

इस ट्रेंड को अपनाने वाले कई लोग एयरपोर्ट पर साथ समय बिताने, कॉफी पीने या बातचीत करने के बाद अलग-अलग दिशाओं में रवाना हो जाते हैं। कुछ लोग अलग-अलग शहरों या पर्यटन स्थलों की यात्रा करते हैं, जबकि कुछ मामलों में साथी अलग-अलग उड़ानों से भी अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं।

यात्रा समाप्त होने के बाद दोनों फिर एयरपोर्ट पर मिलते हैं और एक साथ घर लौटते हैं। इस वजह से इसे प्रतीकात्मक रूप से ‘एयरपोर्ट डिवोर्स’ कहा जाता है।

2025 में सामने आया था यह विचार

इस अवधारणा को वर्ष 2025 में एक यात्रा लेख के जरिए प्रमुखता मिली थी। इसके बाद धीरे-धीरे कई यात्रियों और कपल्स ने इसे अपनाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया और ट्रैवल समुदायों में भी इस ट्रेंड को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।

क्यों पसंद आ रहा है यह तरीका?

इस ट्रेंड को अपनाने वाले लोगों का मानना है कि यात्रा के दौरान व्यक्तिगत पसंद और रुचियों में अंतर कई बार तनाव की वजह बन जाता है। किसी को खरीदारी पसंद होती है, तो कोई ऐतिहासिक स्थलों को देखना चाहता है। वहीं कुछ लोग खानपान या घूमने के तरीके को लेकर अलग पसंद रखते हैं।

ऐसे में अलग-अलग समय बिताने से दोनों अपने तरीके से यात्रा का आनंद ले पाते हैं और साथ ही रिश्ते में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सम्मान की भावना भी बनी रहती है।

सिर्फ पति-पत्नी ही नहीं, दोस्त भी अपना रहे हैं ट्रेंड

‘एयरपोर्ट डिवोर्स’ केवल पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिकाओं तक सीमित नहीं है। कई दोस्त और यात्रा साथी भी इस तरीके को अपनाने लगे हैं।

हालांकि, इसके लिए दोनों पक्षों के बीच आपसी विश्वास और लगातार संपर्क में रहना जरूरी माना जाता है। यात्री मोबाइल फोन और संदेशों के जरिए एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं और समय-समय पर अपनी स्थिति साझा करते रहते हैं।

रिश्ता तोड़ने नहीं, तनाव कम करने का तरीका

विशेषज्ञों और यात्रा लेखकों के अनुसार, ‘एयरपोर्ट डिवोर्स’ का उद्देश्य किसी रिश्ते को खत्म करना नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान तनाव कम करना और दोनों लोगों को अपनी पसंद के अनुसार समय बिताने का अवसर देना है।

इस ट्रेंड को अपनाने वाले लोगों का मानना है कि कुछ समय की दूरी कई बार रिश्तों में नई ऊर्जा और ताजगी भी लेकर आती है। अलग-अलग अनुभवों के बाद दोबारा मिलने पर बातचीत और अनुभव साझा करने के लिए नए विषय भी मिल जाते हैं।

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