अन्तर्राष्ट्रीयटॉप न्यूज़ब्रेकिंगराजनीति

आतंकियों पर इमरान खान नरम, अमेरिका ने 2100 करोड़ की मदद पर लगाई रोक


न्‍यूयॉर्क : अमेरिका और पाकिस्‍तान की नवनिर्वाचित इमरान सरकार के बीच दिन-ब दिन खींचतान नजर आ रही है। बीते दिनों ही आतंकवाद के मुद्दे पर बातचीत को लेकर दोनों देशों के बीच तकरार देखने को मिला था, जिसके बाद अब ट्रंप सरकार ने पाकिस्‍तान की आर्थिक मदद रोकने का फैसला किया है। पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए अमेरिका ने 300 मिलियन डॉलर सहायता राशि पर रोक लगा दी है। आतंकियों के खिलाफ खराब रिकॉर्ड के बाद ट्रंप प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अमेरिकी सेना की ओर से बताया गया कि पाकिस्तान को दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर यानी तकरीबन 2100 करोड़ रुपये की मदद रद्द कर दी गई है।

अमेरिकी सेना के मुताबिक ये फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि पाकिस्तान आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहा है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल कोनी फॉकनर ने कहा है कि अमेरिक रक्षा विभाग अब इस रकम का उपयोग प्राथमिकताओं के आधार पर तय करेगा। अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान उन आतंकी समूहों के लिए सुरक्षित जगह बना हुआ है जो पड़ोसी देश अफगानिस्तान में पिछले कई साल से जंग छेड़े हुए हैं। हालांकि पाकिस्तान इस तरह के आरोप से इनकार करता है। मदद रोकने के फैसले के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अगर आतंकी समूहों को लेकर पाकिस्तान अपना रवैया बदलता है तो उसे फिर से मदद मिल सकती है। अमेरिका और पाकिस्‍तान की नई इमरान सरकार के बीच एक फोन कॉल से विवाद की शुरुआत हुई। दरअसल, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बीते दिनों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से फोन पर बात की और बताया कि उन्होंने पाक की सरजमीं से संचालित हो रहे सभी आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की। मगर पाकिस्तान ने इसका फौरन खंडन कर दिया। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

हालांकि इस साल की शुरुआत में भी अमेरिका ने पाकिस्तान को 50 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद रद्द कर दी थी। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने नए साल के पहले दिन किए एक ट्वीट में पाकिस्तान पर झूठ बोलने और आतंकी समूहों को पनाह देने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की थी। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका से अरबों डॉलर की मदद लेने के बावजूद पाकिस्तान आतंकियों को पाल रहा है। अमेरिका के नए कदम से पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ेंगी। इमरान खान ने पिछले महीने ही पाकिस्तान की कमान संभाली है और आर्थिक मोर्चे पर उन्हें जूझना पड़ रहा है। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा है। मई 2017 में जहां पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 अरब डॉलर था, वहीं अब ये 10 अरब डॉलर के नीचे पहुंच गया है।

Related Articles

Back to top button