महाराष्ट्र में फिर सियासी भूचाल के संकेत! शिवसेना (यूबीटी) में बड़ी टूट की चर्चा, उद्धव ठाकरे ने बुलाई आपात बैठक

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की चर्चाओं ने सियासी माहौल गरमा दिया है। बढ़ती अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने स्थिति की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए सांसदों की आपात बैठक बुला ली है।
7 सांसदों के पाला बदलने की चर्चा से बढ़ी बेचैनी
राजनीतिक सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 7 सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना खेमे का रुख कर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस संभावित घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा ने बढ़ाया सियासी तापमान
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों कथित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं। माना जा रहा है कि कुछ सांसदों के साथ राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर बातचीत चल रही है। इसी वजह से शिवसेना (यूबीटी) के भीतर संभावित बदलावों को लेकर अटकलों का दौर लगातार जारी है।
केंद्रीय मंत्री के बयान से और तेज हुईं अटकलें
शिवसेना नेता और केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने दावा किया है कि “ऑपरेशन टाइगर” अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का अगला कदम उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की रणनीति और समय के अनुसार सामने आएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाओं को और बल मिला है।
पार्टी के भीतर संपर्क की चर्चाओं का भी दावा
प्रतापराव जाधव ने यह भी कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबादास दानवे के हालिया बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर कुछ स्तर पर बातचीत और संपर्क का सिलसिला जारी है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद से ही इस तरह की चर्चाएं राजनीतिक हलकों में चल रही हैं।
उद्धव ठाकरे ने सांसदों को मुंबई पहुंचने का दिया निर्देश
बढ़ती अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने सभी सांसदों को तत्काल मुंबई पहुंचने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार यह महत्वपूर्ण बैठक उनके आवास पर आयोजित की जाएगी। बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात, पार्टी की स्थिति और संभावित रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
बैठक पर टिकी महाराष्ट्र की राजनीति की नजरें
अब राजनीतिक विश्लेषकों और नेताओं की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं। चर्चा इस बात की है कि यह केवल संगठनात्मक समीक्षा बैठक होगी या फिर महाराष्ट्र की राजनीति में किसी बड़े सियासी घटनाक्रम की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है। फिलहाल सभी पक्षों की ओर से स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।



