
राघोपुर: बिहार के बहुप्रतीक्षित कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन गंगा महासेतु का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। 22.76 किलोमीटर लंबे इस पुल के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। संभावना जताई जा रही है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राघोपुर पहुंचकर इस महासेतु का उद्घाटन कर सकते हैं। हालांकि, जिला प्रशासन या पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
उद्घाटन की तैयारियां तेज, कार्यक्रम स्थल को अंतिम रूप
संभावित उद्घाटन कार्यक्रम को देखते हुए राघोपुर प्रखंड के रुस्तमपुर पंचायत स्थित जमालपुर गांव के पाया संख्या-26 के पास करीब 40 एकड़ क्षेत्र में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई कराई जा रही है। मुख्य मंच के साथ आम लोगों के बैठने के लिए अलग पंडाल बनाए जा रहे हैं।
सिक्स लेन पुल से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाली सड़क को दुरुस्त किया जा रहा है। पार्किंग व्यवस्था के लिए जगह तैयार की जा रही है और टेंट लगाने का काम भी शुरू होने वाला है। निर्माण एजेंसी के कर्मचारी और मजदूर दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं।
स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं में उत्साह
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे की खबर से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। लोगों का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री के हाथों इस ऐतिहासिक पुल का उद्घाटन होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात होगी। वहीं एनडीए कार्यकर्ताओं ने भी इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए खुशी जताई है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पुल शुरू होने के बाद राघोपुर प्रखंड से जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान होगा। इससे समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होगी, जबकि क्षेत्र में रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
99.6 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
हाल ही में बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की थी। उन्होंने मुख्य पुल, एप्रोच रोड और अंतिम चरण के कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में सभी शेष कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि परियोजना का 99.6 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य पुल की फिनिशिंग, सड़क चिन्हांकन और सुरक्षा संबंधी कार्य अंतिम चरण में हैं। परियोजना पूरी होने के बाद पटना और उत्तर बिहार के बीच सुरक्षित एवं सुगम सड़क संपर्क स्थापित होगा और गांधी सेतु पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
अप्रैल में पूरा हुआ था पुल का स्ट्रक्चर वर्क
अप्रैल 2026 में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच पाया संख्या-61 पर अंतिम सेगमेंट स्थापित किया गया था। इसके साथ ही पुल का स्ट्रक्चर वर्क पूरा हो गया था। निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने बजरे के माध्यम से पहुंचकर अंतिम सेगमेंट को जोड़ा था।
करीब 4988 करोड़ रुपये की लागत से बना महासेतु
कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल का निर्माण एलएंडटी और कोरियाई कंपनी देबू के संयुक्त उपक्रम ने किया है। पुल का डिजाइन भी कोरियाई कंपनी ने तैयार किया है।
इस परियोजना की कुल लंबाई 22.76 किलोमीटर है, जिसमें गंगा नदी पर 9.76 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल और 13 किलोमीटर लंबी एप्रोच रोड शामिल है। इसकी कुल लागत 4988.4 करोड़ रुपये है। पुल की चौड़ाई 32 मीटर रखी गई है और इसकी डिजाइन गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। परियोजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से करीब 3000 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया, जबकि शेष राशि बिहार सरकार ने वहन की।
एक्स्ट्रा डोज्ड केबल स्टे तकनीक से तैयार हुआ पुल
इस महासेतु की सबसे बड़ी विशेषता इसकी एक्स्ट्रा डोज्ड केबल स्टे तकनीक है। इस तकनीक में केबल को सीधे टावर से जोड़ने के बजाय डेक के नीचे एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक जोड़ा जाता है। इससे पुल की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ता है। देश में इस तकनीक का उपयोग गिने-चुने पुलों में ही किया गया है।
उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सफर होगा आसान
महासेतु शुरू होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। वर्तमान में पटना से वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जाने वाले अधिकांश लोगों को गांधी सेतु या जेपी सेतु पर निर्भर रहना पड़ता है, जहां अक्सर जाम की समस्या रहती है। नया पुल शुरू होने से एक वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे व्यापार, उद्योग और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि इस परियोजना का शिलान्यास 31 जनवरी 2016 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। वहीं 23 जुलाई 2024 को परियोजना के पहले चरण के तहत एनएच-31 से राघोपुर तक 4.57 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन किया गया था, जिससे राघोपुर के लोगों का पटना से आवागमन पहले ही आसान हो चुका है।



