पंजाब

पंजाब में देश की पहली ‘मिलिट्री रोबोटिक्स यूनिवर्सिटी’, युवाओं को तैयार करेगी भविष्य की जंग के लिए

चंडीगढ़। भविष्य की जंग अब केवल बंदूक और टैंकों से नहीं, बल्कि रोबोटिक्स, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिस्टम्स से लड़ी जाएगी। इसी बदलते दौर को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने “श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड क्लास मिलिट्री रोबोटिक्स यूनिवर्सिटी” के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह देश की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी होगी, जो सीधे रक्षा और हाई-टेक रिसर्च से जुड़ी होगी।

शिक्षा मंत्री का बयान
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी पारंपरिक शिक्षा मॉडल से अलग होगी। इसका फोकस सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं होगा, बल्कि रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री कनेक्शन पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा:

“छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों और आधुनिक तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना हमारा मुख्य लक्ष्य होगा।”

हाई-टेक और स्पेशलाइज्ड कोर्सेज
यूनिवर्सिटी में ऐसे कोर्सेज शुरू किए जाएंगे, जो भविष्य की युद्ध तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़े हों। इनमें शामिल होंगे:

  • एमटेक इन मिलिट्री रोबोटिक्स
  • बीटेक और एमटेक इन एआई
  • बीटेक इन ड्रोन यूएवी इंजीनियरिंग
  • एमटेक इन रडार सिस्टम्स और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स
  • बीटेक इन साइबर सिक्योरिटी
  • एमटेक इन साइबर वॉरफेयर और नेशनल सिक्योरिटी

साथ ही स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट इंजीनियरिंग, सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन, क्वांटम टेक्नोलॉजी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में भी डिग्री प्रोग्राम उपलब्ध होंगे।

रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री का त्रिकोण
यूनिवर्सिटी को केवल शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर स्थापित होंगे, जहां AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम सिस्टम्स और डिफेंस एप्लिकेशंस पर शोध किया जाएगा।

डिफेंस और टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारी के जरिए छात्रों को लाइव प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और स्टार्टअप सपोर्ट मिलेगा, जिससे पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री एक्सपोजर और नए इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।

रणनीतिक महत्व और रोजगार के अवसर
पंजाब की सीमावर्ती भौगोलिक स्थिति के कारण साइबर सिक्योरिटी, आंतरिक सुरक्षा और काउंटर-टेररिज्म में विशेषज्ञों की जरूरत अधिक है। यह यूनिवर्सिटी युवाओं को इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर रक्षा और टेक्नोलॉजी में रोजगार और स्टार्टअप के अवसर प्रदान करेगी।

सरकार का अनुमान है कि यह पहल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छात्रों और रिसर्चर्स को आकर्षित करेगी और पंजाब को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के नए नक्शे पर स्थापित करेगी।

निष्कर्ष
देश की पहली मिलिट्री रोबोटिक्स यूनिवर्सिटी पंजाब के युवाओं को भविष्य की जंग के लिए तैयार करेगी, साथ ही राज्य को हाई-टेक और डिफेंस रिसर्च का केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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