झारखण्ड

झारखंड में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहाया गया मकान

झारखंड के हजारीबाग जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के पुश्तैनी मकान को बुलडोजर चलाकर गिरा दिया। यह कार्रवाई केरेडारी थाना क्षेत्र के जोरदाग गांव में की गई, जहां भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच पूरे अभियान को अंजाम दिया गया।

NTPC प्रोजेक्ट के लिए लिया गया कदम

प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना के विस्तार के लिए की गई। एनटीपीसी के अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के कार्य में बाधा आ रही थी, जिसके चलते यह कदम उठाना जरूरी हो गया। कार्रवाई के दौरान तीन जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया और इसे कोल बियरिंग एक्ट के तहत अंजाम दिया गया।

मुआवजे को लेकर लंबे समय से विवाद

बरकागांव के एसडीपीओ पवन कुमार के मुताबिक, एनटीपीसी और योगेंद्र साव के बीच जमीन और मुआवजे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन ने कई बार बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। गुरुवार को पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में घर को गिरा दिया गया और इस दौरान कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

1500 वर्गफीट जमीन पर कब्जे की कार्रवाई

हजारीबाग के जिला भूमि अधिग्रहण अधिकारी निर्भय कुमार ने बताया कि यह मामला कोयला धारक अधिनियम से जुड़ा है। एनटीपीसी द्वारा जमीन मालिकों को मुआवजा दिया जा चुका था और करीब 1500 वर्गफीट जमीन का कब्जा लिया जाना था। हालांकि, योगेंद्र साव द्वारा मुआवजा स्वीकार नहीं करने के कारण प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।

करीब 1.97 करोड़ मुआवजा लेने से किया था इनकार

जानकारी के मुताबिक, इस जमीन के बदले लगभग 1.97 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया था। एनटीपीसी के अधिकारी ने बताया कि योगेंद्र साव द्वारा यह राशि स्वीकार नहीं किए जाने के बाद इसे रांची के ट्रिब्यूनल कोर्ट में जमा करा दिया गया। कार्रवाई से पहले साव अपनी पत्नी और बड़कागांव की पूर्व विधायक निर्मला देवी के साथ मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर भी बैठे थे।

बेटी अंबा प्रसाद ने बताया ‘अन्यायपूर्ण’

घटना के बाद योगेंद्र साव की बेटी और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और इस मामले को अदालत में ले जाकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

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