पंजाब

चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदना हुआ महंगा, कलेक्टर रेट में 10 से 22% तक बढ़ोतरी, 1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम

चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रॉपर्टी बाजार को प्रभावित करने वाला बड़ा फैसला लेते हुए नए कलेक्टर रेट की अधिसूचना जारी कर दी है। एक अप्रैल से लागू होने वाले इन नए रेट्स के बाद शहर में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री करवाना महंगा हो जाएगा। प्रशासन ने रिहायशी, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि भूमि के कलेक्टर रेट में 10 से 22 प्रतिशत तक की वृद्धि की है, जिसका सीधा असर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर भी पड़ेगा।

प्रमुख सेक्टरों में जमीन के रेट में बड़ा उछाल

जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, शहर के पॉश सेक्टर-1 से 12 में रिहायशी जमीन का कलेक्टर रेट बढ़ाकर 2,37,900 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है, जो पहले 1,78,600 रुपये था। सेक्टर-14 से 37 के लिए यह रेट अब 1,81,300 रुपये प्रति वर्ग गज तय किया गया है, जबकि सेक्टर-38 और उससे आगे के इलाकों में 1,33,200 रुपये प्रति वर्ग गज की दर लागू होगी। इस बढ़ोतरी से बाजार में प्रॉपर्टी के दाम भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है और प्रशासन को राजस्व में बढ़ोतरी होगी।

कृषि भूमि पर सबसे ज्यादा असर, सुझाव के बाद लागू हुए नए रेट

प्रशासन ने कृषि योग्य भूमि के कलेक्टर रेट में सबसे अधिक वृद्धि की है। इससे पहले 20 मार्च तक नागरिकों और हितधारकों से प्रस्तावित दरों पर सुझाव मांगे गए थे। व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बढ़े हुए रेट पहले से ही काफी अधिक हैं, ऐसे में अब अगले पांच वर्षों तक इनमें कोई संशोधन नहीं किया जाना चाहिए।

हाउसिंग बोर्ड फ्लैट और मकान भी हुए महंगे

नए कलेक्टर रेट के तहत हाउसिंग बोर्ड फ्लैट्स और स्वतंत्र मकानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। फ्लैट्स के लिए ग्राउंड फ्लोर पर 11,000 रुपये प्रति वर्ग फुट, पहली मंजिल पर 9,000 रुपये, दूसरी मंजिल पर 8,000 रुपये और तीसरी मंजिल व उससे ऊपर के लिए 7,200 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर तय की गई है।

इंडस्ट्रियल हाउस के लिए ग्राउंड फ्लोर का रेट 9,300 रुपये, पहली मंजिल का 7,400 रुपये और दूसरी मंजिल का 5,700 रुपये प्रति वर्ग फुट निर्धारित किया गया है। सोसाइटी फ्लैट्स के लिए भी मंजिल के आधार पर अलग-अलग दरें लागू होंगी।

कॉर्नर प्लॉट और उपयोग परिवर्तन पर अतिरिक्त शुल्क

नई व्यवस्था के तहत कॉर्नर प्लॉट या मकान पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं, यदि किसी रिहायशी प्लॉट को नर्सिंग होम या अस्पताल में बदला जाता है, तो 25 से 31.25 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।

इंडस्ट्रियल और कमर्शियल एरिया में भी बढ़े रेट

इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में कलेक्टर रेट बढ़ाकर 86,000 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है, जबकि फेज-3 के लिए यह रेट 62,600 रुपये प्रति वर्ग गज ही रखा गया है, जिसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

कमर्शियल क्षेत्रों में भी रेट में वृद्धि की गई है। कोल डिपो, टिंबर मार्केट और ट्रांसपोर्ट एरिया के लिए 97,300 रुपये प्रति वर्ग गज तय किया गया है। मनीमाजरा मोटर मार्केट में 2,33,500 रुपये प्रति वर्ग गज और शिवालिक एन्क्लेव में 4,10,200 रुपये प्रति वर्ग गज दर निर्धारित की गई है। शहर के प्रमुख बाजारों जैसे सेक्टर-17, 8, 15, 19, 22, 34 और 35 में बूथ के कलेक्टर रेट 5,92,200 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गए हैं।

सेक्टरवार बूथ और कमर्शियल प्रॉपर्टी के नए रेट

सेक्टर-8, 15, 19, 22, 34, 35 और 17 (17-ए व 17-बी को छोड़कर) में बूथ के कलेक्टर रेट 5,92,200 रुपये प्रति वर्ग गज तय किए गए हैं। सेक्टर-7, 9, 10, 11, 16, 17-ए, 17-बी, 18, 20, 21, 26 और 32 में यह दर 4,47,100 रुपये प्रति वर्ग गज होगी, जबकि अन्य सेक्टरों में 3,27,400 रुपये प्रति वर्ग गज निर्धारित की गई है।

सेक्टर-17 के एससीओ के लिए 5,92,200 रुपये प्रति वर्ग गज रेट तय किया गया है। वहीं, मध्य मार्ग, सब सिटी सेंटर सेक्टर-34, सेक्टर-22 और सेक्टर-35 के बाजारों में 4,47,500 रुपये प्रति वर्ग गज दर लागू होगी। अन्य सेक्टरों की कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए 4,42,800 रुपये प्रति वर्ग गज और मनीमाजरा मोटर मार्केट में 3,12,200 रुपये प्रति वर्ग गज की दर तय की गई है।

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