देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार, जनता ना करें अफवाहों पर विश्वास : केंद्र

भारत सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के बीच, वह प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी बनाए हुए है और उचित तैयारी एवं प्रतिक्रियात्मक उपाय कर रही है। प्रयासों का मुख्य उद्देश्य निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना, समुद्री गतिविधियों की सुरक्षा करना और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को जरूरी सहायता प्रदान करना है।
कल रविवार को जारी एक बयान में केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल और डीजल की स्थिति स्पष्ट की। सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के लगातार बंद रहने के मद्देनजर, देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की बिना रूके उपलब्धता बनाए रखने के लिए सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है-
कच्चा तेल और रिफाइनरी
सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है।
घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ा दिया गया है।
रिटेल आउटलेट
- देश भर में सभी खुदरा दुकानें सामान्य रूप से चल रही हैं।
भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। - इसके अलावा, भारत सरकार ने घरेलू बाजार में इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया है।
- वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में अफरा – तफरी मचने से खरीदारी की खबरें सामने आई हैं। कुछ अफवाहों के चलते कुछ राज्यों के कुछ खुदरा दुकानों पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके परिणामस्वरूप दुकानों पर असामान्य रूप से अधिक बिक्री और भारी भीड़ देखने को मिली। हालांकि, यह सूचित किया जाता है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
सरकार ने जनता इस तरह की अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाह दी है। सरकार ने कहा,” पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। कृपया पेट्रोल और डीजल की जल्दबाजी में खरीदारी से बचें। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।”
इसके अलावा, सरकार ने सभी नागरिकों से वर्तमान स्थिति देखते हुए अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक प्रयास करने का अनुरोध किया है।



