देहरादून में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुभारंभ के मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तराखंड के विकास को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में आने वाले समय में करीब 80 हजार करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं, जो प्रदेश की कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।
ढाई घंटे में सिमटेगा दिल्ली-दून सफर
गडकरी ने कहा कि एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून की दूरी अब महज ढाई घंटे में तय हो सकेगी, जबकि पहले यह सफर करीब छह घंटे का होता था। इससे न सिर्फ यात्रा तेज और सुरक्षित होगी, बल्कि पर्यटन और कारोबार को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
विकास और पर्यावरण के संतुलन पर जोर
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सामाजिक समता के प्रेरणास्रोत भीमराव आंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी बराबर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में वाइल्डलाइफ की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि इकोलॉजी और विकास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकें।
उत्तराखंड में अब तक 1.30 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स
गडकरी ने बताया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में अब तक उत्तराखंड में करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम किया गया है। इनमें से 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2461 किलोमीटर सड़क परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 35 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है।
हरिद्वार तक सिक्स-लेन पावर रोड और एलिवेटेड कॉरिडोर
उन्होंने जानकारी दी कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर लंबा सिक्स-लेन पावर रोड जून तक शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा गणेशपुर से देहरादून के बीच 12 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया गया है, जिसमें वन्यजीवों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।
कतार में कई बड़े प्रोजेक्ट्स, तय समयसीमा भी घोषित
गडकरी ने कई अहम परियोजनाओं की समयसीमा भी बताई। 1650 करोड़ रुपये की लागत से देहरादून से बल्लूपुर तक फोरलेन मार्ग मई 2026 तक शुरू होगा। हरिद्वार में 1600 करोड़ रुपये का ग्रीनफील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाएगा, जिससे दिल्ली-हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर जाम से राहत मिलेगी।
इसके अलावा 1100 करोड़ रुपये का ऋषिकेश बाईपास, 1050 करोड़ रुपये का रुद्रपुर फोरलेन बाईपास, 936 करोड़ रुपये का काशीपुर बाईपास, 716 करोड़ रुपये का देहरादून-आशारोड़ी एलिवेटेड रोड और 745 करोड़ रुपये का जौलीग्रांट-ऋषिकेश फोरलेन मार्ग भी तय समयसीमा में पूरे किए जाएंगे।
सीमांत और धार्मिक क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा
उन्होंने बताया कि 630 करोड़ रुपये की लागत से जोशीमठ से मलारी तक सड़क का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। वहीं, 5200 करोड़ रुपये की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़-लिपुलेख मार्ग का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे सीमांत और धार्मिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।




