मध्य प्रदेशराज्य

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर मध्य प्रदेश में बड़ी तैयारियां, मोहन सरकार खोल सकती है जनकल्याण योजनाओं का पिटारा

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार 26 मई 2026 को अपने 12 वर्ष पूरे कर 13वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। इस मौके को देशभर में बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। भाजपा और एनडीए शासित राज्यों में सरकारें केंद्र की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति बना रही हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार भी प्रदेशवासियों को नई सौगातें देने की तैयारी में जुट गई है।

सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

जनहित योजनाओं के विस्तार पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जनहित से जुड़ी योजनाओं का विस्तृत खाका तैयार करें और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति बनाएं।

सरकार का विशेष फोकस किसानों, आदिवासी वर्ग और महिलाओं पर रहेगा। माना जा रहा है कि इन वर्गों के लिए नई योजनाओं या मौजूदा योजनाओं के विस्तार की घोषणा की जा सकती है।

ढाई साल पूरे होने पर सरकार का विशेष प्लान

मई महीने में मोहन सरकार के भी ढाई साल पूरे हो रहे हैं। ऐसे में सरकार इस अवसर को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से अहम मान रही है। माना जा रहा है कि इसी दौरान कई नई योजनाओं और घोषणाओं का ऐलान हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि योजनाओं का ऐसा खाका तैयार किया जाए, जिससे उनका सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचे।

इन बड़े ऐलानों की चर्चा तेज

सरकारी स्तर पर जिन संभावित घोषणाओं को लेकर चर्चा है, उनमें दुग्ध उत्पादकों को मिलने वाले लाभों का विस्तार, आदिवासियों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया में तेजी और सड़क, बिजली व सिंचाई से वंचित क्षेत्रों के लिए नई योजनाएं शामिल हैं।

इसके अलावा महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए नए कार्यक्रम लाए जा सकते हैं। लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त छूट और कृषि आधारित उद्योगों में किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर भी सरकार काम कर रही है।

मंत्रियों के कामकाज की होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों के कामकाज की विभागवार समीक्षा बैठकें बुलाने के निर्देश दिए हैं। ये बैठकें 8 मई से 10 मई के बीच आयोजित की जाएंगी।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को समयसीमा के भीतर अपनी विभागीय प्रगति रिपोर्ट तैयार रखने को कहा है। इससे कई मंत्रियों की सक्रियता बढ़ गई है।

मंत्रिमंडल विस्तार और नियुक्तियों की भी चर्चा

प्रदेश में निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल्ली दौरे और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद भोपाल में सियासी हलचल और बढ़ गई है।

दिल्ली दौरे के बाद बढ़ीं राजनीतिक अटकलें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात की। उन्होंने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा कीं। इसके बाद से प्रदेश भाजपा में संगठन और सरकार से जुड़े संभावित बदलावों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने और राज्य सरकार के ढाई साल पूरे होने के मौके को भाजपा बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है।

Related Articles

Back to top button