
आंधी-बारिश और बिजली गिरने से तबाही पर सीएम योगी सख्त, सभी जिलों से हर तीन घंटे में मांगी रिपोर्ट; राहत कार्यों में तेजी के निर्देश
लखनऊ में खराब मौसम से हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और प्रदेश के सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि आंधी-बारिश, बिजली गिरने और अन्य प्राकृतिक घटनाओं से हुए नुकसान की अपडेटेड रिपोर्ट हर तीन घंटे में शासन को भेजी जाए, ताकि राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में खराब मौसम का व्यापक असर देखने को मिला है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई और उन्नाव समेत 19 जिलों में जनहानि, पशुहानि और फसल नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं। तेज आंधी और बारिश के चलते कई मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौके पर पहुंचकर तत्काल मदद देने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल दौरा करें और नुकसान का सर्वे तेजी से पूरा कराएं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। जनहानि और पशुहानि से प्रभावित लोगों को निर्धारित मुआवजा राशि जल्द उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राहत कार्यों को प्राथमिकता पर चलाने का आदेश
सीएम योगी ने सभी जिलों के डीएम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक टीमें पूरी सक्रियता के साथ प्रभावित इलाकों में काम करें और जरूरतमंद लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जाए।
इंटरनेट मीडिया पर अपडेट साझा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों, मुआवजा वितरण, बचाव अभियान और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी जानकारी लगातार इंटरनेट मीडिया पर साझा की जाए, ताकि आम लोगों तक सही और समय पर सूचना पहुंच सके। शासन स्तर पर भी पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी की जा रही है।
मृतकों के परिजनों के प्रति जताई संवेदना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खराब मौसम की घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।



