मेरठ में छात्रा की अपहरण के बाद दुष्कर्म कर हत्या, पहचान मिटाने के लिए चेहरा जलाया
तीन दिन पहले छात्रा घर से परीक्षा देने के लिए निकली थी। तीन युवकों ने किया था अपहरण।
Meerut Crime News: मेरठ में बीए की 20 वर्षीय छात्रा की हत्या ने जिले को हिलाकर रख दिया है। जिस बेटी को परिवार ने परीक्षा देने कॉलेज भेजा था, उसका नग्न शव तीन दिन बाद गन्ने के खेत में मिला। शव का चेहरा और एक हाथ आग से झुलसा हुआ था। जैसे किसी ने उसकी पहचान मिटाने की कोशिश की हो। घटना टीपीनगर क्षेत्र की है। मृतका की पहचान ललिता गौतम के रूप में हुई है। जो आरजी डिग्री कॉलेज में बीए की छात्रा थी और इन दिनों उसके एग्जाम चल रहे थे।
तीन लड़के लंबे समय से कर रहे थे परेशान
परिजनों का आरोप है कि गांव के ही तीन लड़के लंबे समय से ललिता को परेशान कर रहे थे। उन्होंने पहले उसका अपहरण करने की कोशिश की थी, छेड़छाड़ की थी और कई बार धमकी भी दी थी। अब उन्हीं पर रेप के बाद हत्या करने का आरोप लगाया गया है। परिवार का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो उनकी बेटी आज जिंदा होती।
तीन दिन पहले घर से परीक्षा देने निकली थी
बताया गया कि ललिता तीन दिन पहले घर से बीए की परीक्षा देने निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। पहले परिवार ने उसकी सहेलियों और कॉलेज में जानकारी की कोशिश की, मगर कहीं से कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पिता ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने शुरुआत से ही अपहरण की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस ने मामला गंभीरता से नहीं लिया।
गन्ने के खेत में पड़ा मिला युवती का शव
रविवार को रोहटा थाना क्षेत्र के गांव उकसिया में किसान अपने गन्ने के खेत पर पहुंचा तो अंदर एक युवती का शव पड़ा देख उसके होश उड़ गए। शव पूरी तरह निर्वस्त्र था। किसान ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। शव के पास मिले पर्स से आधार कार्ड मिला, जिसके आधार पर युवती की पहचान ललिता गौतम निवासी ग्राम थिरोट के रूप में हुई। सूचना मिलने पर परिवार मौके पर पहुंचा और बेटी का शव देखते ही चीख-पुकार मच गई।
पहले भी अपहरण और छेड़छाड़ की कोशिश
पिता वेदप्रकाश ने बताया कि गांव कल्याणपुर निवासी अंकुश नाम का युवक पिछले दो साल से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। उसने पहले भी अपहरण और छेड़छाड़ की कोशिश की थी। उस समय गांव वालों ने समझौता करा दिया था, लेकिन उसके बाद भी आरोपी नहीं माना। पिता के मुताबिक अंकुश अपने दोस्तों अंकित और निशांत के साथ मिलकर उनकी बेटी का पीछा करता था। कई बार रास्ते में रोककर धमकाया गया। यहां तक कि किडनैप करने की धमकी भी दी गई थी। डर के कारण ललिता ने कुछ समय के लिए कॉलेज जाना तक छोड़ दिया था।
परीक्षा के कारण दोबारा कालेज जाना शुरू किया
लेकिन परीक्षा होने के कारण उसने दोबारा कॉलेज जाना शुरू किया था। उसी दौरान वह लापता हो गई। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। अगर मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन समय रहते निकलवाई जाती, तो शायद ललिता को बचाया जा सकता था।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने जुटाए हैं। पुलिस ने पिता की तहरीर पर तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत और दुष्कर्म की पुष्टि होने का इंतजार किया जा रहा है।



