
हमीरपुर पुल हादसे पर CM योगी सख्त, राहत-बचाव में तेजी के निर्देश… मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरने के दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में 6 लोगों की मौत पर गहरा शोक जताते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और हृदय विदारक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर हुए हादसे ने सभी को झकझोर दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भगवान श्रीराम से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
घटना का तुरंत लिया गया संज्ञान
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, CM योगी ने हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि बचाव अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और मृतकों के परिजनों को तय मुआवजा देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
तूफान और बारिश के बीच ढहा निर्माणाधीन पुल
जानकारी के अनुसार, हमीरपुर जिले में मोराकंदर और कंदौर गांवों के बीच बेतवा नदी पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। देर रात आए तेज तूफान और भारी बारिश के बीच सुबह करीब 2 बजे पुल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। बताया जा रहा है कि कई मजदूर पुल के स्लैब पर ही सो रहे थे, तभी हादसा हो गया और वे मलबे के नीचे दब गए।
सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण मानकों पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद निर्माण कार्य में सुरक्षा इंतजामों और गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खराब मौसम के दौरान भी निर्माण स्थल पर मजदूरों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है।
भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे अधिकारी
हमीरपुर के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि देर रात सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि SDRF की टीम लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है और मलबे में दबे अन्य मजदूरों की तलाश की जा रही है।
मलबे से निकाले गए शव, जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
ASP अरविंद कुमार वर्मा के मुताबिक, हादसे के बाद अब तक मलबे से कई शव निकाले जा चुके हैं और उनकी पहचान की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। SDRF, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे में अभी और मजदूर फंसे हो सकते हैं, जिसके चलते अभियान लगातार जारी है।



