उत्तराखंड

उत्तराखंड में सौर ऊर्जा क्रांति, दो साल में 10 गुना बढ़ी क्षमता, 290 मेगावाट रूफटॉप संयंत्र स्थापित

देहरादून : उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पिछले दो वर्षों में अपनी क्षमता में 10 गुना वृद्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य लगभग 290 मेगावाट क्षमता के आवासीय रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल रहा है।

मुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायरनमेंट एंड वाटर द्वारा तैयार ‘सौर जागरुकता स्मारिका’ पुस्तिका के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक सौर ऊर्जा क्षेत्र में उत्तराखंड ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का लक्ष्य समय से पहले पूरा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने का जो प्रारंभिक लक्ष्य तय किया था, उसे निर्धारित समय से पहले ही लगभग पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य का करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

उन्होंने दावा किया कि पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते उत्तराखंड आज देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में पहुंच चुका है।

स्वच्छ ऊर्जा क्रांति में जनता की भागीदारी पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र स्थापित करना नहीं है, बल्कि हर नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से लोगों के बिजली खर्च में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

जलवायु संकट के दौर में सौर ऊर्जा बनी जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना को राज्य की उपलब्धियों का बड़ा आधार बताया।

जनजागरूकता अभियान से बढ़ी सौर ऊर्जा के प्रति रुचि

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए गए ‘सौर कौथिग’ जैसे जनजागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार किया है।

उन्होंने यूपीसीएल, ऊरेडा, क्षेत्रीय अधिकारियों और इस अभियान से जुड़े सभी विभागों व संस्थाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीम उत्तराखंड की सामूहिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।

कार्यक्रम में विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, सीईईडब्ल्यू के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जीएस बुदियाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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