
दुर्ग: जल संरक्षण और पानी की बर्बादी रोकने के लिए दुर्ग नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। महापौर अलका बाघमार और आयुक्त सुमित अग्रवाल की अध्यक्षता में वार्ड क्रमांक 21 से 30 तक के पार्षदों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने और सार्वजनिक नलों के सर्वे का निर्णय लिया गया।
सार्वजनिक नलों और अवैध कनेक्शनों पर सख्ती
बैठक में महापौर अलका बाघमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सार्वजनिक नलों और अवैध रूप से चल रहे जल कनेक्शनों का व्यापक सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन सार्वजनिक नलों से पानी की अनावश्यक बर्बादी हो रही है, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
महापौर ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश घरों में व्यक्तिगत नल कनेक्शन उपलब्ध हैं, ऐसे में सार्वजनिक नलों का दुरुपयोग रोकना बेहद जरूरी है ताकि जल संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
वार्डवार विकास कार्यों की समीक्षा
बैठक में वार्ड 21 से 30 तक के विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें सड़क निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, लीकेज सुधार, नाली एवं पुलिया निर्माण और मरम्मत जैसे कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसके अलावा विद्युत व्यवस्था, पोल मरम्मत और सुलभ शौचालयों की स्थिति पर भी अधिकारियों से रिपोर्ट ली गई।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं और आवश्यकताओं को बैठक में रखा और उनके शीघ्र समाधान की मांग की। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।
उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में पाइपलाइन सुधार और जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक असर अब दिखाई देने लगा है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के निर्देश
बैठक में स्टेशन रोड और दीपक नगर क्षेत्र में नाली के ऊपर बने अवैध अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर महापौर ने तत्काल कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
जल संरक्षण पर फोकस बढ़ा
नगर निगम ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए शहर में पानी के दुरुपयोग पर सख्ती बढ़ाई जाएगी और सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।



