उत्तर प्रदेशराज्य

बहराइच में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, हाई कोर्ट के निर्देश के बाद मदरसा समेत 4 दुकानें ध्वस्त

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सरकारी बंजर भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मदरसा भवन सहित कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। हाई कोर्ट के निर्देश और तहसीलदार न्यायालय के आदेश के अनुपालन में हुई इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी रही।

ग्राम सभा की बंजर जमीन पर था अतिक्रमण

जानकारी के मुताबिक, हुजूरपुर थाना क्षेत्र के सिंहपुर ग्राम पंचायत के घिसियौना गांव में गाटा संख्या 495 की ग्राम सभा की बंजर भूमि पर लंबे समय से अवैध निर्माण किए गए थे। इस मामले को लेकर गांव निवासी रहीस अहमद ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रशासन को संबंधित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया।

इसके बाद तहसीलदार पयागपुर न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 67 के तहत मामले की सुनवाई हुई। खतौनी, खसरा, लेखपाल की जांच रिपोर्ट और अन्य राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने माना कि भूमि ग्राम सभा के बंजर खाते में दर्ज है तथा उस पर अनधिकृत कब्जा किया गया है।

लेखपाल की रिपोर्ट पर उठे सवाल, लेकिन नहीं मिले सबूत

सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष ने लेखपाल की रिपोर्ट को साजिशन तैयार किया गया बताते हुए उस पर आपत्ति दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि बिना स्थलीय पैमाइश के रिपोर्ट तैयार की गई है। हालांकि पुनः जांच और प्रतिपरीक्षा के दौरान क्षेत्रीय लेखपाल ने अतिक्रमण की पुष्टि की, जिसके बाद न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर सभी आपत्तियां खारिज कर दीं।

तहसीलदार न्यायालय ने वकील, शकील, साहिल, जावेद, नावेद, सईद अहमद, रईस अहमद और रियाज अहमद समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ बेदखली और क्षतिपूर्ति का आदेश जारी किया। साथ ही भूमि खाली कराने और निर्धारित व्यय की वसूली के निर्देश भी दिए गए।

मदरसा भवन, पक्की दुकानें और टीनशेड हटाए गए

शुक्रवार को उपजिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय और तहसीलदार अंबिका चौधरी के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची। प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान साहिल, शकील, नावेद और जावेद पुत्र सगीर अहमद द्वारा निर्मित चार पक्की दुकानों को ध्वस्त कर दिया।

इसके अलावा एक मदरसा भवन, उसके सामने बना टीनशेड और ढाबली को भी हटाया गया। पूरे अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई के साथ ही राजस्व विभाग ने भूमि की पैमाइश और सीमांकन की प्रक्रिया भी पूरी की।

कब्जामुक्त भूमि पर लगेगा चेतावनी बोर्ड

प्रशासन ने कार्रवाई के बाद संबंधित भूमि को पूरी तरह कब्जामुक्त घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की पुनरावृत्ति न हो सके।

डीएम कोर्ट में लंबित मामलों पर फिलहाल नहीं होगी कार्रवाई

उपजिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देश और तहसीलदार न्यायालय के बेदखली आदेश के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इस आदेश को जिलाधिकारी न्यायालय में चुनौती दी है। ऐसे मामलों में जहां स्थगन आदेश या आपत्तियां लंबित हैं, वहां फिलहाल बुलडोजर कार्रवाई नहीं की गई है। न्यायालय के आगामी आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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