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सोना-चांदी खरीदने वालों को झटका! 3 दिन बाद ही सरकार ने बढ़ाई बेस इम्पोर्ट प्राइस, कीमतों पर पड़ सकता है असर

नई दिल्ली: देश में सोना और चांदी खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने एक बार फिर सोना और चांदी की बेस इम्पोर्ट प्राइस यानी आधार आयात मूल्य में बढ़ोतरी कर दी है। खास बात यह है कि महज तीन दिन पहले ही इन कीमतों में कटौती की गई थी, लेकिन अब सरकार ने दोबारा इन्हें बढ़ाने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इस बदलाव का असर आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।

सोने और चांदी की नई बेस इम्पोर्ट प्राइस क्या है?

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, सोने की आधार आयात कीमत में 5 डॉलर प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद सोने की नई बेस इम्पोर्ट प्राइस 1,348 डॉलर प्रति 10 ग्राम हो गई है।

वहीं चांदी की आधार आयात कीमत में 83 डॉलर प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है। अब चांदी की नई बेस इम्पोर्ट प्राइस 2,175 डॉलर प्रति किलोग्राम तय की गई है।

तीन दिन पहले दी गई थी राहत

इससे पहले सरकार ने सोने की आयात कीमत में 80 डॉलर प्रति 10 ग्राम और चांदी की आयात कीमत में 276 डॉलर प्रति किलोग्राम की कटौती की थी। उस समय उम्मीद जताई जा रही थी कि आयात लागत घटने से घरेलू बाजार को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, अब अचानक हुई बढ़ोतरी ने कारोबारियों और निवेशकों के बीच नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की रणनीति?

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को कम करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ा है।

ऐसे में सरकार गैर-जरूरी आयात को नियंत्रित करने और विदेशी मुद्रा की बचत के लिए लगातार कदम उठा रही है। सोना और चांदी के आयात से देश के आयात बिल पर भी बड़ा प्रभाव पड़ता है।

आयात शुल्क में भी किए जा चुके हैं बदलाव

पिछले दो महीनों के दौरान सरकार ने सोने और चांदी के आयात से जुड़े नियमों में कई बदलाव किए हैं। हाल ही में इन दोनों कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया था। सरकार का उद्देश्य अत्यधिक आयात को नियंत्रित करना, व्यापार घाटे को सीमित रखना और विदेशी मुद्रा की बचत करना है।

RBI के आंकड़ों में क्या दिखा?

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, जून के पहले सप्ताह तक देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य बढ़कर 114.58 अरब डॉलर पहुंच गया था। वहीं विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में कमी के चलते देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 681.61 अरब डॉलर रह गया।

चांदी के आयात पर भी सख्ती

सरकार ने केवल सोने ही नहीं बल्कि चांदी के आयात नियमों को भी सख्त कर दिया है। अब कुछ विशेष श्रेणी की चांदी की सिल्लियों के आयात के लिए व्यापारियों को सरकारी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने इस श्रेणी को “फ्री” से बदलकर “रिस्ट्रिक्टेड” श्रेणी में शामिल कर दिया है।

इसका अर्थ है कि संबंधित चांदी का आयात बिना पूर्व अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा बैंकों, रिजर्व बैंक द्वारा नामित एजेंसियों और डीजीएफटी से स्वीकृत संस्थाओं के जरिए होने वाले आयात पर भी अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज के माध्यम से आयात के लिए भी नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी।

बाजार पर पड़ सकता है असर

सरकार के इस कदम से आने वाले समय में घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बढ़ी हुई आयात लागत और सख्त नियमों का असर ज्वेलरी कारोबार, निवेश और मांग पर पड़ सकता है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर बनी रहेगी।

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