देहरादून: उत्तराखंड के संवैधानिक इतिहास में नया अध्याय जुड़ गया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह राज्य के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले राज्यपाल बन गए हैं। उन्होंने पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है।
सुदर्शन अग्रवाल का रिकॉर्ड टूटा
पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल ने 8 जनवरी 2003 से 28 अक्टूबर 2007 तक कुल 4 वर्ष, 9 माह और 20 दिन यानी 1,755 दिनों तक राज्यपाल के रूप में सेवाएं दी थीं। अब लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने इस अवधि को पार कर उत्तराखंड के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल बनने का रिकॉर्ड बना लिया है।
15 सितंबर 2021 को ली थी शपथ
गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की थी। 6 जुलाई 2026 को उन्होंने पूर्व राज्यपाल के कार्यकाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। सेना में करीब चार दशक तक सेवाएं देने के बाद वह फरवरी 2016 में सेवानिवृत्त हुए थे और अपने सैन्य करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
उत्तराखंड में अब तक कोई राज्यपाल नहीं पूरा कर पाया पांच साल का कार्यकाल
उत्तराखंड के गठन के बाद अब तक कोई भी राज्यपाल अपने पद पर पांच वर्ष का पूरा कार्यकाल पूरा नहीं कर सका है। गुरमीत सिंह ने सबसे लंबे समय तक इस पद पर बने रहने का रिकॉर्ड जरूर बनाया है, लेकिन पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने का आंकड़ा अभी शेष है।
मुख्यमंत्री धामी के बाद एक और रिकॉर्ड
हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने की उपलब्धि हासिल की है। वह उत्तराखंड में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले भाजपा के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। साथ ही, नारायण दत्त तिवारी के बाद सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले दूसरे नेता भी हैं।
एक ही कार्यकाल में पूरे नहीं हुए पांच साल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2021 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को दोबारा बहुमत मिलने पर उन्हें फिर मुख्यमंत्री बनाया गया। इस तरह उन्होंने पांच वर्ष की अवधि पूरी की, लेकिन यह एक ही कार्यकाल में नहीं रही। वहीं, नारायण दत्त तिवारी ने वर्ष 2002 से 2007 तक लगातार एक ही कार्यकाल में पांच वर्ष पूरे किए थे।
2035 तक विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को पूर्ण विकसित राज्य बनाना है। इसके लिए बुनियादी ढांचे, निवेश और सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।




