बागपत में सुशील मूंछ गिरोह का शूटर विपुल पुलिस मुठभेड़ में ढेर, मुन्न बजरंगी के लिए कर चुका था काम
टीकरी के सुनील राठी गैंग में भी जुड़ रहा।
Baghpat News: बागपत में हुई पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात सुशील मूंछ गिरोह का शूटर विपुल ढेर हो गया। मारा गया बदमाश विपुल पश्चिम से पूर्वांचल तक के गैंगों से जुड़ा हुआ था। एसटीएफ मेरठ और बागपत की सिंघावली अहीर थाना पुलिस के साथ सैड़भर मार्ग पर सिंचाई विभाग के बंगले के पास ये मुठभेड़ हुई। मारे गए बदमाश के पास से पुलिस को दो पिस्टल, कारतूस और बाइक मिली है।
50 हजारी खूनी का था खौफ
सुशील मूंछ गिरोह के शॉर्प शूटर 50 हजार रुपये के इनामी विपुल उर्फ खूनी निवासी भभीसा जिला शामली का पश्चिम यूपी में खौफ था। पुलिस से हुई मुठभेड़ में शूटर विपुल उर्फ खूनी को गोली लगी। उसको अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शामली के गांव भभीसा निवासी शूटर विपुल उर्फ खूनी के खिलाफ बागपत, दिल्ली, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में रंगदारी, हत्या, डकैती और लूट के दर्जनों मामले दर्ज हैं। बागपत एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार विपुल ने पश्चिम यूपी के कुख्यात सुशील मूंछ के गिरोह में शामिल होकर कई घटनाओं को अंजाम दिया।
दो साल पहले जमानत पर आया था विपुल
जेल से करीब दो साल पहले जमानत पर बाहर आने के बाद विपुल ने गांव में हुई एक हत्या के मामले में वादी अशोक कुमार से मुकदमे की पैरवी में खर्च हुए रुपये मांगने शुरू किए अशोक को रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी।
इसमें अशोक ने शामली जिले के थाना कांधला में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस उसी मामले में विपुल को तलाश रही थी। इसके अलावा तारीख पर कोर्ट में पेश नहीं होने पर उसके कई मामलों में गैर जमानती वारंट जारी थे। फरार विपुल पर पुलिस ने शामली जिले से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कराया। उसकी तलाश में शामली पुलिस और एसटीएफ लगी हुई थी।
विपुल को छाती में तीन गोलियां लगी
एसपी के अनुसार शनिवार शाम को विपुल के सिंघावली अहीर-सैड़भर मार्ग पर अपाचे बाइक से जाने की सूचना मिली। एसटीएफ मेरठ और सिंघावली अहीर पुलिस ने घेराबंदी की तो विपुल ने गोली चला दी। पुलिस की फायरिंग में विपुल गोली लगने से घायल हो गया। जिसे जिला अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। विपुल को छाती में तीन गोलियां लगी और एक कनपटी छूकर निकली है। मुठभेड़ में मारे गए 50 हजार रुपये के इनामी विपुल के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी मांगने समेत 38 मामले दर्ज हैं। यह सुशील मूंछ गिरोह का शॉर्प शूटर था। गांव में इसकी रंजिश भी चल रही थी और उस रंजिश में हत्या समेत कई घटनाएं कीं।
पश्चिम से लेकर पूर्वांचल के गिरोह से जुड़ा था विपुल
पुलिस के अनुसार विपुल ने शुरुआत में भभीसा गांव के बदमाश भीम के साथ आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। इसके बाद वह दिल्ली के चीनू पंडित के गिरोह से जुड़ गया। बाद में सुशील मूंछ गैंग में शामिल हो गया था। इसके बाद टीकरी के सुनील राठी गैंग में भी जुड़ रहा।
विपुल पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी के गैंग में शामिल होकर भी कई साल सक्रिय रहा। पूर्वांचल में कई घटनाओं में विपुल की भूमिका रही। बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या होने के बाद वह गैंग से दूर हो गया। विपुल सोनीपत के बदमाशों के संपर्क में था। पुलिस की माने तो रुपयों के लालच में किसी भी घटना को अंजाम दे देता था।



